जम्मू. दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित अमरनाथ की पवित्र गुफा की मुश्किल यात्रा आज बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से शुरू हो गई. सुबह में भारी बारिश के चलते यात्रा शुरू होने में कई घंटे की देरी हुई. श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) की एक प्रवक्ता ने बताया, “श्रद्धालुओं के पहले जत्थे के पवित्र गुफा की ओर बढ़ने के साथ ही बालटाल आधार शिविर से यात्रा शुरू हो गई.” Also Read - अमरनाथ यात्रा इस साल भी रद्द, कोरोना संकट को देखते हुए अमरनाथ बोर्ड का बड़ा फैसला

उन्होंने बताया कि चंदनवाड़ी से 59 श्रद्धालुओं को पवित्र गुफा की ओर बढ़ने की अनुमति देने के साथ ही पारंपरिक पहलगाम मार्ग से भी यात्रा शुरू हो गई. कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू से करीब 3,000 अमरनाथ श्रद्धालुओं का पहला जत्था कल शाम कश्मीर के बालटाल और पहलगाम आधार शिविरों में पहुंच गया था. अधिकारियों ने बताया कि सड़क मार्ग इस्तेमाल करने की अनुमति मिलने के बाद आज तड़के 3,434 श्रद्धालुओं का दूसरा जत्था भगवती नगर आधार शिविर से कश्मीर रवाना हुआ और उनके शाम तक नूनवान-पहलगाम और बालटाल के आधार शिविरों तक पहुंचने की संभावना है. Also Read - अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले मारा गया मोस्ट वांटेड पाक आतंकी वलीद, सेना ने कहा- यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध

अमरनाथ की 60 दिन की इस यात्रा के लिए अभी तक दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है. इस यात्रा का समापन 26 अगस्त को होगा. ‘रक्षाबंधन’ का त्योहार भी इसी दिन पड़ रहा है. अमरनाथ जाने वाले वाहनों पर नजर रखने के लिए सरकार पहली बार रेडियो फ्रीक्वेंसी टैग का इस्तेमाल कर रही है जबकि सीआरपीएफ ने कैमरे और जीवनरक्षक उपकरणों से लैस मोटरसाइकिल दस्ते उतारे हैं. पिछले साल अमरनाथ श्रद्धालुओं को ले जा रही एक बस पर हुए आतंकवादी हमले के बाद इस साल की यात्रा के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है. Also Read - 23 जून से शुरू होगी बाबा अमरनाथ यात्रा, श्राइन बोर्ड ने वापस लिया यात्रा रद्द करने का फैसला