जम्मू. हिमालय की गुफा में स्थित बाबा बर्फानी या बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए वार्षिक तीर्थयात्रा की शुरुआत हो गई है. सोमवार को जम्मू एवं कश्मीर के बालटाल बेस कैंप से अमरनाथ की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को रवाना किया गया. इससे पहले अमरनाथ की वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए ‘बम बम भोले’ के जयकारों के बीच 2,234 श्रद्धालुओं का पहला जत्था यहां के एक आधार शिविर से रविवार को रवाना हुआ. इस साल अब तक देशभर से करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने 46 दिन चलने वाली यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है. यह यात्रा अनंतनाग जिले के 36 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम मार्ग और गांदेरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से होती है.

राज्यपाल के सलाहकार केके शर्मा ने रविवार को यहां के भगवती नगर आधार शिविर से तीन मोटरसाइकल समेत 93 वाहनों के पहले काफिले को कश्मीर के लिए रवाना किया, जिनमें श्रद्धालु सवार थे. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण एवं सुचारु यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर दिए गए हैं. यह यात्रा सोमवार को कश्मीर के दोहरे मार्गों से आधिकारिक रूप से शुरू होगी और यह 15 अगस्त को रक्षाबंधन के मौके पर समाप्त होगी. अधिकारियों ने बताया कि 17 बच्चों समेत कुल 2,234 श्रद्धालु नूनवां-पहलगाम और बालटाल आधार शिविरों के लिए रवाना हो गए.

एक ओर जहां 130 महिलाओं, सात बच्चों एवं 45 साधुओं समेत 1228 श्रद्धालुओं ने पारंपरिक पहलगाम मार्ग चुना है, वहीं दूसरी ओर 203 महिलाएं एवं 10 बच्चों समेत 1,006 श्रद्धालु बालटाल मार्ग से यात्रा करेंगे. श्रद्धालुओं का जत्था रविवार की शाम तक दो आधार शिविरों तक पहुंचा, जहां से सोमवार की सुबह उन्हें रवाना किया गया. सोमवार की सुबह घोड़े और खच्चरों पर बैठकर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु बाबा अमरनाथ के दर्शन करने को रवाना हुए. यात्रा के दौरान ये श्रद्धालु बम-बम भोले और बाबा बर्फानी के जयघोष कर रहे थे. वहीं कुछ श्रद्धालु डोलियों में सवार होकर भी भगवान शंकर के दर्शन करने जा रहे थे.

(इनपुट – एजेंसी)