28 जून से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा

इस बार यात्रा 60 दिन तक चलेगी, जबकि पिछले साल यात्रा 40 दिन की थी.

Published date india.com Published: March 2, 2018 10:58 PM IST
Amarnath Yatra will start from 28 june । 28 जून से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा
फाइल फोटो

नई दिल्ली: अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं. हिंदुओं के पवित्र स्थल बाबा बर्फानी यानी बाबा अमरनाथ के लिए इस साल यात्रा 28 जून से शुरू होगी और 26 अगस्त को पूरी होगी. अमरनाथ यात्रा बालटाल और पहलगाम दोनों रास्तों से होकर जाएगी. यात्रा का संचालन करने वाले श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) ने बताया, ‘बोर्ड ने निर्णय लिया है कि 60 दिवसीय यात्रा हिंदू कैलेंडर के अनुसार 28 जून से ज्येष्ठ पूर्णिमा के शुभ मौके पर शुरू होगी और अब तक की परंपरा के अनुसार श्रावन पूर्णिमा (रक्षा बंधन) के दिन 26 अगस्त को समाप्त होगी.’

इस बार यात्रा 60 दिन तक चलेगी, जबकि पिछले साल यात्रा 40 दिन की थी. इस यात्रा के लिए देशभर में पंजाब नेशनल बैंक, जम्मू कश्मीर बैंक और यस बैंक की 440 शाखाओं के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराए जा सकते हैं. इस यात्रा के लिए 13 साल से लेकर 70 साल तक के यात्री रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. गर्भवती महिलाओं और शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी. इसके अलावा यात्रा के दौरान क्या करना है और क्या नहीं इसकी पूरी जानकारी अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर डाल दी है.

अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने यात्रियों को जारी अपनी एडवाइजरी में कहा है कि यात्री अपने साथ पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े रखें और बोर्ड द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन करें. इसके अलावा हर यात्री को आवेदन पत्र और अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र यात्रा परमिट प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत करना होगा. पिछले साल नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (एनजीटी) ने अमरनाथ गुफा को शांत क्षेत्र घोषित करते हुए एक निश्चित सीमा से आगे जयकारे लगाने पर रोक लगा दी थी. एनजीटी ने दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित अमरनाथ गुफा श्राइन को पर्यावरण-संवेदनशीलता को बनाये रखने के लिए अमरनाथ गुफा को मौन क्षेत्र घोषित किया था और प्रवेश बिंदु से आगे धार्मिक रस्मों पर पाबंदी लगा दी थी.

अमरनाथ श्राइन बोर्ड को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए एनजीटी प्रमुख जस्टिस स्वतंत्र कुमार की पीठ ने कहा कि बोर्ड गुफा के आसपास पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी दर्शनार्थी पवित्र हिमलिंग के दर्शन से वंचित न रहने पाए तथा भजन-कीर्तन और जयकारों के कारण गुफा की शांति तथा पारिस्थितिकी संतुलन न भंग होने पाए.

हालांकि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने अपने फैसले को लेकर हो रही आलोचना के बाद स्पष्ट किया था कि उसने दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर में कोई साइलेंट जोन घोषित नहीं किया है. एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अगुवाई वाली पीठ ने कहा था कि बर्फ से बनी शिवलिंग जैसी रचना के सामने ही शांति होनी चाहिए.

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