श्रीनगर. खराब मौसम के चलते गुरुवार को बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की अमरनाथ यात्रा रोक दी गई. अधिकारी ने बताया, ‘गुरुवार तड़के से बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर बारिश हो रही है. बालटाल और नुनवन (पहलगाम) के आधार शिविरों में डेरा डाले तीर्थयात्रियों को मौसम में सुधार तक आगे नहीं बढ़ने की हिदायत दी है.’ उन्होंने कहा, ‘सभी तीर्थयात्री सुरक्षित हैं और यात्रा आगे बढ़ाने का फैसला बाद में दिया जाएगा.’ आधिकारिक तौर पर वार्षिक अमरनाथ यात्रा गुरुवार की सुबह चार बजे शुरू हुई. 3,425 तीर्थयात्रियों का दूसरा जत्था जम्मू से रवाना हो गया. Also Read - केंद्र सरकार ने सिविल सर्विसेज का जम्मू-कश्मीर कैडर किया खत्म, अधिसूचना जारी कर AGMUT में किया विलय

60 दिनों की है अमरनाथ यात्रा
पुलिस ने बताया, ‘तीर्थयात्री दो समूहों में रवाना हुए हैं. तीर्थयात्रियों का पहला जत्था तड़के 3.55 बजे भगवती नगर यात्री निवास से रवाना हो गया, जबकि दूसरा जत्था 4.20 बजे रवाना हुआ.’ उन्होंने बताया कि 3,425 तीर्थयात्रियों वाले पहले जत्थे में 2,679 पुरुष और 592 महिलाएं शामिल हैं. इसमें तीन बच्चे और 151 साधु भी हैं. बता दें कि 60 दिवसीय यह लंबी यात्रा 26 अगस्त को समाप्त होगी. आतंकी घटनाओं की आशंका को ध्यान में रखते हुए इस बार तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. स्थानीय पुलिस और सुरक्षाबल के जवानों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात किया गया है.

40 हजार सुरक्षाबल कर्मियों की तैनाती
अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए इस बार अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं. घाटी में सुरक्षा के लिए तैनात कुल सुरक्षाकर्मियों की मौजूदा संख्या के अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की 213 कंपनियों को इस वर्ष यात्रा के लिए अलग से बुलाई गई हैं. सेना, अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के लगभग 40,000 सुरक्षाकर्मी यात्रा ड्यूटी पर तैनात किए गए हैं. इस वर्ष की यात्रा के लिए पहली बार खुफिया अधिकारी सादी वर्दी में इलेक्ट्रॉनिक और मानव चौकसी करेंगे. पहली बार रेडियो फ्रिक्वेंसी लगे यात्रा वाहन, ड्रोन के जरिए निगरानी और कमांडो के मोटरसाइकिल दस्ते यात्रा मार्ग पर तैनात सेना, अर्धसैनिक बल और पुलिसकर्मियों की मदद के लिए तैनात किए जा रहे हैं.

बर्फ के शिवलिंग के दर्शन को उमड़ते हैं श्रद्धालु
भगवान शंकर के प्रमुख स्थलों में से एक अमरनाथ, समुद्र तल से 12,756 फुट की ऊंचाई पर स्थित है. पहाड़ों के बीच स्थित इस अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बर्फ का शिवलिंग निर्मित होता है, जिसके दर्शन के लिए श्रद्धालु प्रतिवर्ष वहां उमड़ते हैं. पिछले साल 29 जून से 7 अगस्त के बीच करीबन 40 दिनों की यात्रा के दौरान 2.6 लाख तीर्थयात्री अमरनाथ मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचे थे. यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर वार्षिक यात्रा का प्रबंधन करने वाला श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड एसएएसबी ने इस वर्ष प्रत्येक मार्ग से हर रोज 7,500 यात्रियों को ही छोड़ने का निर्णय लिया है. इसमें हालांकि हेलीकॉप्टर सेवा के जरिए गुफा तक पहुंचने वाले यात्री शामिल नहीं होंगे.

(इनपुट – एजेंसी)