अंबाला में किसानों और पुलिस के बीच भिड़ंत, सिख नेता पर हमले के आरोपियों की रिहाई की मांग कर रहे थे प्रदर्शनकारी

Written By: : Rishabh Kumar
Updated Date:August 13, 2026 11:16 PM IST

Ambala News: अंबाला में सिखों और किसानों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस से टकराव हुआ. DSP घायल हुए, हाईवे जाम रहा और प्रदर्शनकारी सिख नेता के ऊपर हमले के आरोपियों की रिहाई मांगते रहे.

Ambala News: हरियाणा के अंबाला में गुरुवार को सिख संगत और किसानों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ टकराव हो गया. प्रदर्शनकारी सिख नेता गुरसिमरन सिंह मंड पर हुए हमले के आरोपियों की रिहाई की मांग कर रहे थे. दोपहर करीब 1 बजे प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया था. शाम को पुलिस ने हाईवे खुलवाने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच स्थिति बिगड़ गई. पुलिस के मुताबिक, झड़प में अंबाला के DSP वीरेंद्र का अंगूठा कट गया और कई पुलिसकर्मी घायल हुए. कुछ प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी जानकारी है.

Advertising
Advertising

हाईवे पर कई घंटे चला हंगामा

प्रदर्शन से पहले गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब में सिख संगत की बैठक हुई थी. इसमें 7 अगस्त को गुरसिमरन सिंह मंड के साथ हुई घटना और पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा की गई. बैठक के बाद प्रदर्शनकारी हाईवे की तरफ पहुंचे और सड़क पर बैठ गए. पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स हटा दिए. इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई. हालात बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. हाईवे पर कई घंटे तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई.

FIR दर्ज होने के बाद भी नहीं माने प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग गुरसिमरन सिंह मंड पर हमला करने के आरोपियों को छोड़ने की थी. साथ ही वे मंड के खिलाफ भी FIR दर्ज करने की मांग कर रहे थे. पुलिस ने बाद में मंड के खिलाफ FIR दर्ज कर ली, लेकिन प्रदर्शनकारी जेल में बंद दो लोगों की तुरंत रिहाई की मांग पर अड़े रहे. रात करीब साढ़े आठ बजे पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर हाईवे खाली कराने की कोशिश की. बातचीत से एक मांग पर सहमति बनी, लेकिन आरोपियों की रिहाई को लेकर बात नहीं बनी. इसके बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया.

7 अगस्त को मंड पर हुआ था हमला

मामले की शुरुआत 7 अगस्त की घटना से हुई थी. जानकारी के मुताबिक, गुरसिमरन सिंह मंड अपनी सुरक्षा के साथ गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब पहुंचे थे. इसी दौरान वहां विवाद हो गया और भीड़ ने उनके साथ मारपीट की. मंड ने बाद में अस्पताल से वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि उन पर तलवार, लाठी और ईंटों से हमला किया गया. उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी गाड़ी के शीशे तोड़े गए और उन्हें बचाने पहुंचे पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट हुई. मंड ने कुछ नारे लगवाने के लिए दबाव डालने का आरोप भी लगाया था.

पुलिस और प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा

गुरुवार के हंगामे के बाद अंबाला में पुलिस बल बढ़ा दिया गया. अधिकारियों ने हाईवे से प्रदर्शनकारियों को हटाकर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई. घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर उनका हाल जाना. दूसरी ओर, सिख संगत और संगठनों ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सभी शिकायतों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए. फिलहाल प्रशासन की नजर स्थिति पर बनी हुई है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है.

Add India.com as a Preferred Source

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें