नोएडा| एक 32 वर्षीय महिला को नोएडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के सामने सड़क पर ही बच्ची को जन्म देना पड़ा. इस घटना से प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है. घटना सोमवार आधी रात की है जब महिला के पति सहायता ना मिलने पर उसे रिक्शे से लेकर जिला अस्पताल दौड़ रहे थे. Also Read - नोएडा में शादी समारोह पर पाबंदी, अब केवल 100 मेहमान ही हो सकेंगे शामिल; यहां पढ़ें नए दिशानिर्देश

महिला के पति अनिल कुमार और उनके भाई लगभग घंटे भर तक सरकार की इमरजेंसी एंबुलेंस सर्विस नंबर 102 और 108 पर कॉल करते रहे लेकिन कोई सहायता नहीं मिली. ये दोनों ही नंबर लखनऊ से संचालित होते हैं और इमरजेंसी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हैं. Also Read - Noida-Delhi Border News: दिल्ली नोएडा बार्डर से है आना-जाना तो कोरोना टेस्ट के लिए रहिए तैयार, इस बात का रखें ख्याल

कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी मंजु देवी ने सुबह 10.30 बजे दर्द की शिकायत की. उसी समय मेरे छोटे भाई ने 102 और 108 नंबर डायल करना शुरू कर दिया लेकिन किसी भी नंबर पे बातचीत नहीं हो पाई. यहां तक कि मैंने अपने फोन से भी नंबर मिलाने की कोशिश की फिर भी बात नहीं हो सकी. काफी समय बाद दोनों नंबरों पर फोन तो लगा लेकिन रिसीव नहीं हुआ. Also Read - दिवाली के जश्न में लोगों ने ताक पर रखे नियम, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में पटाखे बेचने पर पांच लोग गिरफ्तार

कुमार ने कहा कि एक तरफ कॉल नहीं लग रहा था और उनकी पत्नी का दर्द बढ़ता ही जा रहा था तब कुमार मंजू देवी को अपने रिक्शे में बैठाकर सेक्टर 30 स्थित सरकारी अस्पताल के लिए निकले. लेकिन मंजू ने रास्ते में ही अपनी चौथी बेटी को रात साढ़े बारह बजे जन्म दिया. कुमार ने बच्चे और पत्नी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया. जहां डाक्टरों ने बताया कि मॉ और बच्चा दोनों ठीक हैं.

खबर फैलने पर जिला-अधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनुराग भार्गव को मामले की जांच करने का आदेश दिया है.  भार्गव ने बताया कि उन्होंने ने पीड़िता के पति से लिखित में शिकायत ले लिया है औऱ जांच करने के बाद प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) को रिपोर्ट भेजेंगे.