नई दिल्ली: भारतीय रेलवे (Indian Railway एयरपोर्ट की क्यूआर कोड (QR Code) वाले संपर्क रहित टिकट (Contactless Ticket) को मोबाइल स्‍कैन किया जा सकेगा. रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी के यादव ने कहा कि ट्रेन के 85 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन बुक होते हैं और काउंटर से टिकट खरीदने वालों के लिए भी क्यूआर कोड की व्यवस्था की जाएगी, जिन्हें स्टेशन और ट्रेनों पर मोबाइल फोन से स्कैन किया जा सकेगा. Also Read - IRCTC/Indian Railways: रेलवे ने अलग-अलग रूट्स की 30 से अधिक ट्रेनों को 15-16 मई से अगले आदेश तक किया रद्द, देखें पूरी LIST

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी के यादव ने रेलवे के इस प्‍लान पर कहा कि वर्तमान में ट्रेन के 85 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन बुक होते हैं और काउंटर से टिकट खरीदने वालों के लिए भी क्यूआर कोड की व्यवस्था की जाएगी. Also Read - Indian Railways/IRCTC: रेलवे ने बिहार-यूपी-गुजरात के लिए शुरू की 16 ट्रेनें, 36 ट्रेनों का फेरा भी बढ़ाया, देखें पूरी LIST

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा, ”हमने क्यू आर कोड प्रणाली की शुरुआत की है जो टिकट पर दिए जाएंगे. ऑनलाइन खरीदने वालों को टिकट पर कोड दिया जाएगा. विंडो टिकट पर भी जब किसी को कागज वाला टिकट दिया जाएगा, तब उसके मोबाइल पर एक संदेश भेजा जाएगा, जिसमें क्यू आर कोड का लिंक होगा. लिंक खोलने पर कोड दिखेगा.” Also Read - UP: CM योगी का निर्देश, शवों को बहाने पर रोक लगाने के लिए पुलिस नदियों में करे गश्त

रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने कहा, ” इसके बाद स्टेशन या ट्रेन पर टीटीई के पास फोन या उपकरण होगा, जिससे यात्री के टिकट का क्यू आर कोड स्कैन कर लिया जाएगा. इस प्रकार टिकट जांचने की प्रक्रिया पूरी तरह से संपर्क रहित होगी.”

यादव ने कहा कि अभी पूरी तरह कागज रहित होने की रेलवे की योजना नहीं है, लेकिन आरक्षित, अनारक्षित और प्लेटफार्म टिकट की ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर कागज का इस्तेमाल बहुत हद तक कम किया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि कोलकाता मेट्रो की ऑनलाइन रिचार्ज सुविधा शुरू कर दी गई है.

एयरपोर्ट की भांति सभी यात्रियों के लिए स्टेशन पर प्रवेश करते ही संपर्क रहित टिकट की जांच करने की प्रक्रिया प्रयागराज जंक्शन स्टेशन पर शुरू की गई है.

यादव ने कहा कि आईआरसीटीसी की वेबसाइट का पूरी तरह नवीनीकरण किया जाएगा और प्रक्रिया को सरल, सुविधाजनक
बनाया जाएगा और होटल और भोजन की बुकिंग के साथ जोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि रेलवे ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान
संस्थान (इसरो) के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत ट्रेनों की सैटेलाइट द्वारा निगरानी की जा सकेगी.