गुजरात: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि, गुजरात में आगामी विधानसभा चुनाव जीतने के स्थान पर उन्हें प्रदेश से कांग्रेस का सूपड़ा साफ करने की दिशा में काम करने की जरूरत है. पार्टी के सौराष्ट्र क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि, कांग्रेस सिर्फ चुनाव जीतने का सपना देख रही है.Also Read - संसद का सम्मान कांग्रेस के संस्कार में नहीं: भाजपा

प्रदेश में विधानसभा चुनाव इसी साल होने हैं. शाह ने कहा, हालांकि कांग्रेस आगामी चुनाव जीतने का सपना देख रही है, लेकिन वह गुजरात में 1999 से ही भाजपा को कभी हरा नहीं सकी है. इस बार पार्टी कार्यकर्ता सिर्फ जीत के लिए नहीं, बल्कि कांग्रेस का सूपड़ा साफ करने के लिए लड़ेंगे. Also Read - UP: Cycle Yatra से पहले अखिलेश यादव का दावा, ....लगता है सपा जीतेगी 400 सीटें

उन्होंने कहा, सौराष्ट्र क्षेत्र के सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को 150 सीटों पर जीत के लिए शपथ लेनी चाहिए. गुजरात विधानसभा में कुल 182 सीटें हैं। केन्द्र में पीएम मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर टिप्पणी करते हुए शाह ने कहा कि, कोई विपक्षी दल राजग सरकार पर उंगली नहीं उठा सकता है. Also Read - Parliament Monsoon Session 2021: राज्यसभा में हंगामा कर रहे TMC के 6 सांसद निलंबित, सभापति ने पहले किया था आगाह

शाह ने कहा, यदि आप उंगलियों पर गिनें तो, किसी को विश्वास नहीं होगा की एक सरकार महज तीन साल में इतना काम कर सकती है. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारा देश दुनिया भर में नयी उंचाइयों को छू रहा है. हमारे ऊपर ऊंगली उठाने से पहले, कांग्रेस नेताओं को आत्मावलोकन करने और यह देखने की जरूरत है कि उनकी सरकार ने अतीत में क्या किया है. अपने 10 साल के कार्यकाल में सोनिया-मनमोहन सरकार प्रत्येक महीने एक घोटाले में फंसी रही. शाह ने आरोप लगाया कि वे 12 लाख करोड़ रूपए कीमत के घोटालों और भ्रष्टाचार में शामिल रहे हैं.

उन्होंने कहा, मैं सोनिया जी से कहना चाहता हूं कि, विपक्ष इन तीन सालों में एक भी आरोप नहीं लगा सकता है. मोदी सरकार ने भारत को भ्रष्टाचार मुक्त बनाकर उसे पारदर्शी शासन दिया है. उन्होंने मोदी की विदेश यात्राओं को लेकर भी कांग्रेस पर हमला किया.

शाह ने कहा, कांग्रेस नेता कमल नाथ ने हाल ही में कहा कि मोदी बहुत ज्यादा विदेश यात्राएं करते हैं. जब मैंने आंकड़े देखे तो पाया कि मोदी जी ने अपने पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मुकाबले कुछ ही यात्राएं ज्यादा की हैं.