भोपाल: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के मुद्दे पर कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि ‘‘एनआरसी मुद्दे पर कांग्रेस संसद में ऐसे कांव-कांव करने लगी जैसे उनकी नानी मर गई हो.’’ शाह ने यहां जंबूरी मैदान में भाजपा कार्यकर्ता महाकुंभ रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘एनआरसी पर कांग्रेस संसद में कांव-कांव करने लगी जैसे नानी मर गई उनकी.’’

उन्होंने कहा, ‘‘असम में पंजी में प्राथमिक रूप से 40 लाख घुसपैठिए चिन्हित हो गए हैं. अब इनको मतदाता सूची से भी हटाया जाएगा.’’ शाह ने कहा, ‘‘आज कार्यकर्ताओं की लाखों की भीड़ मेरे सामने खड़ी है. मैं पूछना चाहता हूं कि इस देश से घुसपैठियों को जाना चाहिए कि नहीं जाना चाहिए?’’ इस पर जनता की ओर से आवाज आयी – ‘हां जाना चाहिए’.

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘पूरे देश से घुसपैठियों को निकालने की शुरुआत असम से की जाएगी.’’ उन्होंने कहा कि हमने असम में सरकार बनने के बाद एनआरसी को लागू किया. भारत के नागरिकों पर रजिस्टर बनते ही अवैध घुसपैठियों की सूची बन जाएगी.

असम में एनआरसी का पहला ड्राफ्ट जारी, 1.9 करोड़ के नाम, सरकार अलर्ट

शाह ने कहा, ‘‘भाजपा के लिए देश की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है. आपको चिंता करने की जरूरत नहीं. एनआरसी की प्रक्रिया रुकने वाली नहीं है.’’

क्या है NRC, जिसके जारी होते ही 40 लाख लोगों की नागरिकता पर उठा सवाल, असम से दिल्ली तक बवाल

जुलाई के अंतिम सप्ताह में असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के जारी किया गया था. इसमें 40 लाख से ज्यादा लोग उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाने के कारण उनकी नागरिकता को खतरा पैदा होने के मद्देनजर असम, बंगाल से लेकर दिल्ली और संसद तक सियासी भूचाल आ गया. एनआरसी में 2.89 करोड़ लोगों का नाम शामिल हैं और इसमें शामिल होने के लिए असम में 3.29 करोड़ लोगों ने आवेदन दिया था. इसके जारी होने के बाद से ही सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है.