नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरूवार को राफेल मामले में पुनर्विचार याचिका खारिज करने के उच्चतम न्यायालय के फैसले को उन ‘दलों एवं नेताओं’ को करारा जवाब करार दिया जो ‘बेबुनियाद एवं दुर्भावनापूर्ण’ अभियान चला रहे थे. शाह ने साथ ही उनसे माफी मांगने की मांग की. शाह ने अपने ट्वीट में कहा कि शीर्ष अदालत के फैसले से स्पष्ट हो गया है कि राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर संसद को बाधित करना शर्मनाक था.

उन्होंने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय का राफेल मामले में पुनर्विचार याचिका को खारिज करना उन ‘दलों एवं नेताओं’ को करारा जवाब है जो ‘बेबुनियाद एवं दुर्भावनापूर्ण’ अभियान चला रहे थे.’ गृह मंत्री ने कहा कि गुरूवार का शीर्ष अदालत का फैसला एक बार फिर से नरेंद्र मोदी सरकार की विश्वसनियता की पुष्टि करता है जो पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार से मुक्त है. अब यह साबित हो गया है कि इस मामले में संसद को बाधित करना शर्मनाक था. उस समय का उपयोग जनकल्याण के लिए किया जाना चाहिए था उन्होंने कहा कि अदालत की फटकार के बाद कांग्रेस और उनके नेताओं को देश से माफी मांगनी चाहिए.

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने राफेल लड़ाकू विमान सौदा मामले में नरेंद्र मोदी सरकार को बृहस्पतिवार को क्लीन चिट देते हुए कहा कि पुनर्विचार याचिकाएं सुनवायी योग्य नहीं हैं. न्यायालय ने अपने 14 दिसंबर 2018 के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘हमने पाया कि पुनर्विचार याचिकाएं सुनवाई योग्य नहीं हैं.’ उच्चतम न्यायालय ने राफेल सौदे के संबंध में टिप्पणियों के लिए राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि उन्हें भविष्य में सावधान रहना चाहिए.

(इनपुट-भाषा)