नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला तेज़ करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को ‘आप’ प्रमुख को दिल्ली के शाहीनबाग जाने की चुनौती दी, ताकि विधानसभा चुनाव में लोग यह फैसला कर सकें कि उन्हें किसे वोट देना है. शाहीनबाग में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा है. शाह ने उत्तर पश्चिम दिल्ली के रिठाला में एक चुनावी सभा में कहा कि केजरीवाल और कांग्रेस नेता राहुल गांधी राममंदिर के निर्माण और अनुच्छेद 370 निरस्त किये जाने के खिलाफ थे और उन्हें देश की छवि एवं सैनिकों की कोई परवाह नहीं थी.

उन्होंने कहा कि विपक्ष को डर है कि वे उनके वोट बैंक को बिगाड़ देंगे. उन्होंने सवाल किया, ‘‘ क्या आप उनके वोट बैंक हैं? उनका वोट बैंक कहां है? ’’ इस पर भीड़ ने जवाब दिया, ‘‘शाहीनबाग.’’ भाजपा नेता ने दावा कि दिल्ली पुलिस ने “संर्कीण गलियारा काटने की कोशिश” और पूर्वोत्तर को शेष भारत से अलग करने की टिप्पणी के आरोप में जेएनयू के छात्र शरजील इमाम के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया है.

शाह ने कहा, “ मैं केजरीवाल से पूछना चाहता हूं कि क्या वह शरजील इमाम को पकड़वाने के पक्ष में हैं या नहीं? क्या आप शाहीनबाग के लोगों के साथ हैं या नहीं, कृपया दिल्ली के लोगों को बताएं.” इमाम शाहीनबाग में प्रदर्शन के शुरुआती आयोजकों में से एक था. भाजपा पर पलटवार करते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भगवा पार्टी कालिंदी कुंज के शाहीनबाग खंड को नहीं खोलना चाहती है, इसलिए वह इस पर ‘गंदी राजनीति’ कर रही है.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की कानून व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी केंद्र की है और ‘‘यदि वह कह रही है कि उसे मुझसे अनुमति चाहिए तो मैं अनुमति दे रहा हूं, एक घंटे में सड़क का जाम हटा दो.’’ केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ मैं आपको लिखकर दे सकता हूं कि भाजपा शाहीन बाग में उस मार्ग को खोलना नहीं चाहती है. शाहीन बाग मार्ग आठ फरवरी तक बंद रहेगा और फिर नौ फरवरी को खुल जाएगा.’’

केजरीवाल को ‘टुकड़े टुकड़े’ गैंग का सदस्य करार देते हुए शाह ने उन पर निशाना साधा और कहा कि शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी उनकी पार्टी की नहीं सुनेंगे. उन्होंने कहा, “ वे हमारी नहीं सुनेंगे. आप लोग (‘आप’ नेता) कहते हैं कि आप शाहीनबाग के साथ हैं. अगर आप में हिम्मत है तो जाइए और उनके साथ बैठिए . और दिल्ली को फैसला लेने दीजिए.”

एक अन्य रैली में जनकारी में शाह ने राहुल गांधी और केजरीवाल पर राष्ट्रीय मुद्दे पर ‘वोटबैंक’ की राजनीति करने और शाहीन बाग के प्रदर्शन का ‘समर्थन’ करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘‘ मोदी सरकार राष्ट्री विरोधी तत्वों को नहीं बख्शेगी.’’ पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने केजरीवाल सरकार पर अस्थायी कर्मचारियों की नौकरी पक्की करने, मुफ्त वाई फाई देने, नये स्कूल और कॉलेज खोलने, सड़कें बनाने और यमुना को साफ करने जैसे वादों को नहीं पूरा करने का भी आरोप लगाया.

उन्होंने दावा किया केजरीवाल अन्ना हजारे की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम की मदद से सत्ता में आये लेकिन बाद में पूरी तरह बदल गये. उन्होंने कहा, ‘‘ उन्होंने कहा था कि वह सरकारी आवास या वाहन और अन्य सुविधाएं नहीं लेंगे लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने सारी सुविधाएं ले लीं.’’ उन्होंने राजद्रोह के मामले में जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ नेता कन्हैया कुमार के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं देने को लेकर भी दिल्ली सरकार की आलोचना की.