जबलपुर (मध्यप्रदेश): केंद्रीय गृहमंत्री एवं भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) का विरोध कर रहे कांग्रेस सहित विपक्षी दलों को चुनौती देते हुए रविवार को कहा कि उनको जितना विरोध करना है करें, लेकिन हम पाकिस्तान, बंग्लादेश एवं अफगानिस्तान से आये हुए इन सभी प्रताड़ित शरणार्थियों को नागरिकता देकर ही हम दम लेंगे.

 

सीएए पर भाजपा के देशव्यापी ‘जनजागरण अभियान’ के अंतर्गत जबलपुर के गैरिसन ग्राउंड पर आमसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि सीएए पर भाजपा जनजागरण चला रही है. क्या है सीएए? यह जानजागरण क्यों चलाना पड़ रहा है? उन्होंने जनता से पूछा कि मुझे बताओ इनको नागरिकता देनी चाहिए या नहीं देनी चाहिए? इस पर वहां मौजूद जनता ने कहा कि हां, देनी चाहिए. शाह ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित कानून का विरोध कर रहे दलों पर तंज कसते हुए कहा कि यह (सीएए पर जनजागरण अभियान) हमें इसलिए चलाना पड़ रहा है क्योंकि कांग्रेस पार्टी, राहुल बाबा एंड कंपनी, कम्युनिस्ट, (दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद) केजरीवाल, (पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री) ममता बनर्जी ये सारी पार्टियां इकट्ठा होकर देश को गुमराह कर रहे हैं कि सीएए ने देश के अल्पसंख्यक भाइयों की, मुसलमानों की नागरिकता छीन ली है.


ममता बनर्जी एवं राहुल को चुनौती
इसके बाद शाह ने कहा कि मैं डंके की चोट पर कह रहा हूं. कांग्रेस वालो कान खोलकर सुन लो, जितना विरोध करना है वो करो. इन सारे लोगों को नागरिकता देकर ही हम दम लेंगे. उन्होंने कहा कि भारत पर जितना हक मेरा व आप लोगों का है उतना ही हक पाकिस्तान से आये हुए (पीड़ित) हिन्दू, सिख, बौद्ध, ईसाई का है. वो भारत के बेटे हैं, भारत की बेटी हैं. भारत देश उनको गले लगाकर सम्मान देगा. शाह ने ममता बनर्जी एवं राहुल को चुनौती देते हुए कहा कि सीएए में कहीं भी किसी की नागरिकता छीनने का प्रावधान है, तो बता दीजिए. उन्होंने आगे कहा कि इसमें नागरिकता देने का प्रावधान है.