नई दिल्ली: केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोरोना वायरस संक्रमण के हालात पर चर्चा के लिए सोमवार को यहां दिल्ली के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक की. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. यह बैठक राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण के मामले बढ़ने के मद्देनजर की गई है. Also Read - दिल्ली में कोरोना के 1,606 नए मामले सामने आए, 35 लोगों की मौत; कुल मामले 1.15 लाख के पार

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि शाह ने कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में चार मुख्य राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को जानकारी दी और इस मामले में उनके सुझाव मांगे. भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और बसपा के नेताओं ने बैठक में हिस्सा लिया. दिल्ली में 41,000 से अधिक लोग संक्रमित हैं और 1,300 से अधिक लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है. संक्रमण के मामले में महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बाद दिल्ली तीसरे नंबर पर है. Also Read - जम्मू-कश्मीर भाजपा प्रमुख को हुआ कोरोना, जितेन्द्र सिंह और राम माधव ने खुद को किया क्वारंटाइन

बैठक में दिल्ली कांग्रेस चीफ अनिल चौधरी ने कहा कि HM ने स्वीकार किया है कि टेस्टिंग का अधिकार सभी को होना चाहिए.और सभी देशों में टेस्टिंग और ट्रेसिंग पॉलिसी के माध्यम से ही उपचार संभव है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि एक नई ट्रेसिंग पॉलिसी के तहत सभी को टेस्टिंग का अधिकार होगा. उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने कोरोना वरियर्स के परिजनों के लिए 1 करोड़ रुपये का मुआवजा प्रदान करने की घोषणा की थी. लेकिन वह मुआवजा अभी तक प्रदान नहीं किया गया है. हमने अनुरोध किया है कि मुआवजा तुरंत प्रदान किया जाए ताकि वे अपना मनोबल न खोएं. Also Read - कोविड-19: नोएडा में वीकेंड पर बंद रहेंगी दुकानें, केवल इन्हें मिलेगी इजाजत

वहीं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा, “बैठक में,गृह मंत्री ने कहा कि 20 जून तक दिल्ली सरकार प्रति दिन 18000 टेस्ट करेगी और कंटेनमेंट ज़ोन में घर-घर जाकर ट्रेसिंग और मेपिंग होगी. साथ ही 15 दिन के बाद 500 और रेलवे कोच उपलब्ध हो जाएंगे. जिससे दिल्ली में 37000 बेड दिल्ली सरकार,केंद्र सरकार और रेलवे कोच को मिलाकर होंगे.” उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक में, बीजेपी ने मांग की कि परीक्षण पर 50% शुल्क माफ किया जाना चाहिए. इस मांग को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंजूरी दे दी है.

गौरतलब है कि कोरोना वायरस संक्रमण के तेजी से बढ़ रहे मामलों को लेकर चिंताओं के बीच केंद्रीय गृह मंत्री ने रविवार को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, और दिल्ली के तीन नगर निगमों के महापौर और आयुक्तों के साथ बैठक की थी. शाह ने कहा था कि दिल्ली में अगले दो दिन में जांच क्षमता दोगुनी की जाएगी और इसके बाद इसे बढ़ा कर तीन गुना किया जाएगा.

गृह मंत्री ने कहा कि कुछ दिनों में दिल्ली के निरुद्ध क्षेत्रों में हर मतदान केंद्र पर कोविड-19 की जांच शुरू की जाएगी और संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने के लिए अधिक प्रभावित क्षेत्रों यानी हॉटस्पॉट्स में घर-घर जाकर व्यापक स्वास्थ्य सर्वेक्षण कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि कोविड-19 मरीजों के लिए बिस्तरों की कमी के मद्देनजर मोदी सरकार ने दिल्ली को 500 रेलवे बोगियां भी उपलब्ध कराने का निर्णय किया है.

उन्होंने कहा कि दिल्ली के निजी अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज के लिए 60 प्रतिशत बिस्तर कम दर पर उपलब्ध कराने, कोरोना उपचार व जांच की दर तय करने के लिए नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गयी है.

(इनपुट भाषा)