नई दिल्ली: कांग्रेस नेता बी के हरिप्रसाद ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की बीमारी पर एक दिन पहले तंज किया था और वह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि कांग्रेस नेता ने शुक्रवार को एक और विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि भाजपा अध्यक्ष ‘स्वाइन फ्लू’ से पीड़ित नहीं हैं. हरिप्रसाद ने ‘पिगफीवर’ संबंधी तंज पर संवाददाताओं के प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘हम भी एम्स में लोगों को जानते हैं. उन्हें फ्लू के कारण भर्ती नहीं किया गया है. मुझे तथ्य मिल जाने दीजिए. तब मैं आपसे बात करूंगा. संवाददाताओ ने उनसे प्रश्न किया कि अगर शाह को स्वाइन फ्लू नहीं है तो क्या बीमारी है इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें यही खबर मिली थी.

हरिप्रसाद ने गुरुवार को दिए अपने बयान को वापस लेने से इनकार किया. उनके बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और कांग्रेस से उन्हें बर्खास्त करने और सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने को कहा था. हरिप्रसाद ने कहा, ‘मैंने जो भी बयान दिया वह वहीं हैं. मैं आपसे बाद में बात करूंगा. कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने कन्नड़ भाषा में अपनी बात रखी ,जो उनकी मातृभाषा है और इसमें कोई बुराई नहीं है.

दरअसल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बी के हरिप्रसाद ने भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह के खराब स्वास्थ्य पर व्यंग्य करते हुए बृहस्पतिवार को कहा था कि उन्हें स्वाइन फ्लू इसलिए हुआ क्योंकि उनकी पार्टी ने कर्नाटक में कांग्रेस और जद(एस) सरकार को कथित तौर पर अस्थिर करने की कोशिश की है. इस पर भाजपा के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी.

केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि कांग्रेस सांसद बी के हरिप्रसाद ने भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ जिस प्रकार की घृणित और अभद्र टिप्पणी की है वह कांग्रेस के स्तर को दिखाती है. फ्लू का तो इलाज है लेकिन कांग्रेस नेता की मानसिक बीमारी का इलाज मुश्किल है. गोयल के अलावा राज्यवर्धन सिंह राठौड़, मुख्तार अब्बास नकवी और पार्टी के अन्य नेताओं ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी.