नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश उपचुनाव में लगे तगड़े झटके के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अब सहयोगियों की ओर ध्यान देना शुरू कर दिया है. इसी के तहत अब बीजेपी से नाराज चल रही यूपी सरकार में सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) को मनाने की कवायद शुरू हो गई है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने एसबीएसपी सुप्रीमो और कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर को मुलाकात के लिए दिल्ली बुलाया है. राजभर कई महीनों से नाराज चल रहे हैं और बीजेपी सरकार के खिलाफ लगातार बयान दे रहे हैं.

बीजेपी को दिया था अल्टीमेटम

राजभर की पार्टी यूपी में बीजेपी की सहयोगी है और इसके चार विधायक हैं. पिछले कुछ समय से राजभर इस बात से नाराज है कि सरकार में उनकी आवाज नहीं सुनी जा रही है. सोमवार को ही राजभर ने ऐलान किया था कि अगर उनकी मुलाकात अमित शाह से नहीं कराई गई तो उनकी पार्टी राज्यसभा चुनाव का बहिष्कार करेगी. राजभर के इस अल्टीमेटम के बाद अब शाह ने उन्हें मुलाकात के लिए बुलाया है.

दरअसल, राज्यसभा चुनाव के लिए राजभर की पार्टी की नाराजगी बीजेपी को भारी पड़ सकती है. बीजेपी ने यूपी से 9 उम्मीदवार खड़े किए हैं. एबीएसपी अगर किनारा कर ले तो बीजेपी को एक सांसद का नुकसान झेलना पड़ सकता है.

बीजेपी पर हमलावर राजभर

ओमप्रकाश राजभर पिछले कुछ समय से बीजेपी पर हमलावर हैं. यूपी उपचुनाव में बीजेपी की करारी हार के बाद कहा था कि बीजेपी के लोग 325 सीट के नशे में पागल होकर घूम रहे हैं. राजभर ने कहा, हां हम सरकार का हिस्सा हैं. लेकिन, बीजेपी गठबंधन धर्म का पालन नहीं कर रही है. मैंने अपनी भावनाओं से उन्हें अवगत करा दिया है. लेकिन ये लोग 325 सीट के नशे में पागल होकर घूम रहे हैं. प्रदेश सरकार सिर्फ मंदिर पर फोकस की हुई है, न कि गरीबों के उत्थान पर. ये वही गरीब हैं, जिन्होंने उन्हें वोट दिया और वे सत्ता में पहुंचे. यहां बहुत सी बातें हैं, लेकिन जमीन पर थोड़ा बहुत ही बदल रहा है.

बता दें कि ओमप्रकाश राजभर ने साल 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के साथ गठबंधन किया था. उनकी पार्टी का पूर्वांचल के कई जिलों में अच्छा प्रभाव है. हालांकि, सरकार बनने के कुछ महीने बाद से ही वह सरकार से नाखुश चल रहे हैं.