नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा पारित नए कृषि कानूनों (Farm Bills 2020) के खिलाफ पंजाब और हरियाणा के किसान दिल्ली सीमा पर हजारों की संख्या में पहुंचकर प्रदर्शन (Farmers Protes) कर रहे हैं. यह प्रदर्शन लगातार 6 दिनों से जारी है. इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah), रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) के घर पहुंचे हैं और प्रदर्शन को लेकर बैठक कर रहे हैं. Also Read - Kisan Andolan: कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति की पहली बैठक कल

बता दें कि यह बैठक ऐसे समय में किया जा रहा है, जब कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पहले ही किसान संगठनों के नेताओं को बातचीत के लिए 1 दिसंबर को आमंत्रित (Farmers Meeting On Farm Bills) कर चुके हैं. पहले यह बैठक 3 दिसंबर को होनी थी लेकिन तोमर ने प्रदर्शन को देखते हुए इस बैठक को 1 दिसंबर को 3 बजे विज्ञान भवन में बुलाई है. Also Read - Cow Drinks Liquor Viral News: पानी समझकर शराब पी गईं गायें, फिर जो हुआ उसे जान दंग रह गए लोग

एक तरफ जहां केंद्र सरकार के बड़े-बड़े नेता व अधिकारी बैठक में भाग ले रहे हैं वहीं सिंघु बॉर्डर पर किसान संगठनों के बीच भी बैठक शुरू हो गई है. इस बाबत किसान संगठन के नेता बलजीत सिंह महल का कहना है कि अब केंद्र सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार करना है या नहीं, इसी बाबत यह बैठक की जा रही है. किसानों का इस नए कानून को लेकर कहना है कि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Selling Price) इस कानून के कारण बंद हो जाएगा. वे चाहते हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर सरकार एक कानून लाए

बता दें कि किसानों बढ़ते प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस द्वारा ट्रैफिक अलर्ट (Delhi Traffic Alert) आज सुबह ही जारी कर दिया गया था. इस बाबात टिकरी बॉर्डर को बंद कर दिया गया है. वहीं झाटीखेड़ा और बादुसरी बॉर्डर को दुपहिया वाहनों के लिए खुला रखा गया है. कई मार्गों को डायवर्ट भी कर दिया गया है.