गुवाहाटी: केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि देश में किसी भी अवैध प्रवासी को रहने की अनुमति नहीं दी जायेगी और असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) की कवायद समयबद्ध तरीके से पूरी की गई. शाह पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) के अध्यक्ष भी है. वह यहां एनईसी के 68वें पूर्ण सत्र के उद्घाटन संबोधन में आठ पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों को संबोधित कर रहे थे.

 

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि विभिन्न लोगों ने एनआरसी पर कई तरह के सवाल उठाये. मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि भारत सरकार किसी भी अवैध प्रवासी को देश में रहने की अनुमति नहीं देगी. यह हमारी प्रतिबद्धता है. हाल में एनआरसी की सूची जारी होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसे समयबद्ध ढंग से पूरा किया गया है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बैठक को केन्द्रीय मंत्री और एनईसी के उपाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ने भी संबोधित किया. एनआरसी राज्य समन्वयक कार्यालय ने 31 अगस्त को कहा था कि एनआरसी में शामिल होने के लिए 3,30,27,661 लोगों ने आवेदन दिया था. इनमें से 3,11,21,004 लोगों को शामिल किया गया है और 19,06,657 लोगों को बाहर कर दिया गया है.

केन्द्र अनुच्छेद 371 को नहीं छूएगा: शाह
इस मौके पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केन्द्र पूर्वोत्तर को विशेष प्रावधान प्रदान करने वाले अनुच्छेद 371 को नहीं छूएगा. उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 अस्थायी प्रावधानों के संदर्भ में था जबकि अनुच्छेद 371 विशेष प्रावधानों के संदर्भ में है, दोनों के बीच काफी अंतर है. जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाये जाने के बाद पूर्वोत्तर के लोगों को गलत जानकारी देने और गुमराह करने के प्रयास किये जा रहे है कि केन्द्र अनुच्छेद 371 को भी हटायेगा. शाह ने कहा कि मैंने संसद में स्पष्ट किया है कि ऐसा नहीं होने जा रहा है और मैं आज पूर्वोत्तर के आठ मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में फिर से यह कह रहा हूं कि केन्द्र अनुच्छेद 371 को नहीं छूएगा.