नई दिल्‍ली: त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय में भाजपा के बेहतरीन प्रदर्शन से उत्‍साहित पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह ने शनिवार को कहा कि एक के बाद एक जीतों से पार्टी का मनोबल बढ़ा है. 2019 में होने वाले आम चुनावों के लिए भी यह अच्‍छा संकेत है. उन्‍होंने बताया कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि देश के पश्‍ि राज्‍यों में काफी विकास हुआ, लेकिन उत्‍तर-पूर्वी राज्‍य इस दौर में पीछे रह गए हैं. इसे ध्‍यान में रखकर ही उन्‍होंने एक्‍ट ईस्‍ट पॉलिसी शुरू की थी. पूर्वोत्‍तर के तीन राज्‍यों में मिली यह जीत प्रधानमंत्री मोदी के नीतियों की जीत है. Also Read - Covid-19 Fight: कोरोना से लड़ने के लिए केंद्र सरकार का एक और बड़ा कदम, गठित हुईं 11 टीमें

उन्‍होंने कहा कि मेघालय को छोड़ भी दें तो भाजपा और एनडीए देश के 21 राज्‍यों में सत्‍ता में हैं. एक के बाद एक चुनावों में नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को समर्थन मिल रहा है.

त्रिपुरा के वाम मोर्चे की 25 साल से चली आ रही सरकार को बेदखल करने से संतुष्‍ट शाह ने कहा कि यह स्‍पष्‍ट हो चुका है कि वामपंथ देश के किसी भी हिस्‍से के लिए अच्‍छा नहीं है. शाह ने यह भी स्‍पष्‍ट किया कि त्रिपुरा में अपने दम पर बहुमत हासिल करने के बावजूद भाजपा अपने गठबंधन के साझेदारों को मंत्रिमंडल में शामिल करेगी.

शाह ने बताया कि पार्टी इसी साल कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनावों में जीत को लेकर पार्टी आश्‍वस्‍त है, लेकिन भाजपा का गोल्‍डन पीरियड तभी शुरू होगा, जब ओडिशा, प. बंगाल और केरल में भी उसकी सरकार होगी. गौरतलब है कि ओडिशा में बीजू जनता दल, प. बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और केरल में एलडीएफ की सरकार है.

शनिवार को पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है. त्रिपुरा में जहां बीजेपी ने 25 साल पुरानी लेफ्ट सरकार को उखाड़ फेंका, वहीं नगालैंड में भी सहयोगी दल के साथ सबसे आगे निकल गई. पार्टी को मेघालय में अपेक्षित सफलता नहीं मिली.