Amit Shah visited forward areas and interacted with jawans in Makwal Jammu: जम्‍मू:  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को देर शाम जम्‍मू के मकवाल में अचानक अग्रिम इलाकों का दौरा किया और बीएसएफ की चौकी पर पहुंचकर जवानों से बातचीत की और उनके उत्‍साह को बढ़ाया. उनके साथ उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी मौजूद थे. गृह मंत्री अमित शाह ने बीएसएफ पोस्ट पर जवानों से बातचीत करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया. उन्‍होंने अधिकारियों से सीमा संबंधी सभी मुद्दों के बारे में बात उन्होंने सीमा प्रभुत्व पर खुशी व्यक्त की.Also Read - जम्मू कश्मीर पर टिप्पणियों के लिए भारत ने ‘OHCHR’ पर साधा निशाना, कहा- सीमा पार आतंकवाद के कारण...

जम्मू में मकवाल सीमा पर बीएसएफ की पश्चिमी कमान के एडीजी एनएस जामवाल ने कहा, ”हमारे लिए गर्व की बात है कि एचएम अमित शाह ने इस बीएसएफ पोस्ट का दौरा किया और जवानों से बातचीत की. उन्होंने हमारी ब्रीफिंग सुनी. हमने उन्हें सीमा संबंधी सभी मुद्दों के बारे में बताया, उन्होंने सीमा प्रभुत्व पर खुशी व्यक्त की. Also Read - UP Assembly Election 2022: अमित शाह ने टीवी पर अखिलेश यादव को भाषण देते हुए देखा, फिर यूपी आकर बोले...

Also Read - Parliament Session: J&K में इस साल आतंकी हिंसा में 40 नागरिक मारे गए, सरकार ने दी जानकारी

बीएसएफ (पश्चिमी कमान) के एडीजी एनएस जामवाल ने कहा, यह बहुत बड़ा प्रोत्साहन है कि गृह मंत्री ने हमारे जवानों के साथ बातचीत की और उनके मुद्दों को सुना. इसका जवानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, यह उनके मनोबल को बढ़ाता है.

बीएसएफ (पश्चिमी कमान) के एडीजी ने बताया कि उन्होंने (केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह) आश्वासन दिया है कि सुरंगों और ड्रोन के हमारे मुद्दों को एड्रेस किया जा रहा है और इसे जल्द ही हल किया जाएगा.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू के मकवाल सीमा में अग्रिम इलाकों का दौरे के दौरान सीवर्ती गांव के ग्रामीणों के साथ भी कुछ वक्‍त बिताया और उनके साथ चाय भी पी और उनकी समस्‍याओं पर बातचीत की और उनके संपर्क नंबर भी लिए. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कल श्रीनगर में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे.

जम्मू कश्मीर में किसी को शांति और विकास को अवरुद्ध नहीं करने दिया जाएगा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि सरकार का उद्देश्य जम्मू कश्मीर से आतंकवाद का सफाया करने और नागरिकों की हत्याओं पर रोक लगाने का है। उन्होंने कहा कि किसी को इस केंद्रशासित प्रदेश में शांति और विकास को बाधित नहीं करने दिया जाएगा, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल में स्थान रखता है. शाह जम्मू कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर हैं. पांच अगस्त, 2019 को राज्य का विशेष दर्जा समाप्त करने तथा उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित करने के केंद्र के फैसले के बाद यह उनका यहां का पहला दौरा है. जम्मू के भगवती नगर में जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) का नाम लिये बगैर कहा कि पिछले सात दशक में जम्मू कश्मीर का विकास नहीं कर पाने के लिए तीन परिवार जनता के प्रति जवाबदेह हैं.