नई दिल्लीः केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) के स्थापना दिवस पर आयोजित परेड का निरीक्षण करेंगे. इस अर्धसैनिक बल को दंगा रोधी और भीड़ नियंत्रण के कार्य में विशेषज्ञता हासिल है. अधिकारियों ने बताया कि आरएएफ के 27वें स्थापना दिवस पर अहमदाबाद के वस्त्राल इलाके में स्थित 100वीं बटालियन में आयोजित कार्यक्रम में शाह मुख्य अतिथि होंगे.

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आरएएफ देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का हिस्सा है, जिसमें 3.25 लाख से अधिक जवान हैं. अधिकारियों ने बताया कि गृहमंत्री जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद निरोधी कार्रवाई और विभिन्न राज्यों में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में बहादुरी का प्रदर्शन करने वाले सीआरपीएफ जवानों को 20 वीरता पदक भी प्रदान करेंगे.

उन्होंने बताया कि शाह बल के जवानों को संबोधित करने से पहले परेड की सलामी लेंगे और नीली डांगरी (वर्दी का स्वरूप) पहने आरएएफ कर्मियों की तैयारी का निरीक्षण करेंगे. अधिकारियों ने बताया कि आरएएफ की स्थापना दिवस सात अक्टूबर है, जब 1992 में यह अस्तित्व में आया था लेकिन गृहमंत्री की व्यस्तता की वजह से कार्यक्रम सोमवार को आयोजित किया जा रहा है.

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पांच अगस्त को केंद्र की ओर से संविधान के अनुच्छेद-370 के तहत जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष दर्जे के अधिकतर प्रावधानों को निष्क्रिय करने के बाद शाह पहली बार आरएएफ के कार्यक्रम में शामिल होंगे. उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मरी में सीआरपीएफ प्रमुख बल है, जिसकी तैनाती वहां कानून व्यवस्था बनाए रखने और आतंकवाद निरोधी कार्रवाई के लिए की गई है. वहां करीब एक लाख 50 हजार जवान तैनात हैं.