मालदा. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अपनी खराब सेहत के कारण मंगलवार की शाम को नई दिल्ली लौट रहे हैं. पश्चिम बंगाल के झारग्राम में निर्धारित रैली में उनके शामिल होने की संभावना नहीं है. भाजपा के नेताओं ने यह जानकारी दी. भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ‘‘अमित शाह बहुत बीमार हैं. उन्हें तेज बुखार है, लेकिन फिर भी उन्होंने यहां आज की रैली में हिस्सा लिया. स्वाइन फ्लू की चपेट में आने के बाद अस्पताल में उनका इलाज हुआ था और कुछ दिन पहले ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली थी.’’

घोष ने कहा कि शाह आज नई दिल्ली लौटेंगे, क्योंकि उनके डॉक्टरों ने उन्हें सलाह दी है कि वे खराब सेहत के कारण किसी रैली में हिस्सा नहीं लें. उन्होंने कहा, ‘‘यदि कल उनकी तबीयत ठीक रहती है तो वह कल झारग्राम में रैली को संबोधित करेंगे.’’ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि शाह ने उन्हें यह सुनिश्चित करने को कहा है कि अन्य निर्धारित रैलियां समय पर हों. इससे पहले, शाह ने मालदा में रैली को संबोधित कर चुनाव अभियान की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि नागरिकता (संशोधन) विधेयक पारित होने के बाद सभी बंगाली शरणार्थियों को नागरिकता दी जाएगी. बंगाल में ‘गणतंत्र बचाओ यात्रा’ की शुरुआत करते हुए शाह ने राज्य में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का इरादा जाहिर किया.

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मोदी सरकार को नागरिकता विधेयक पारित कराने को लेकर प्रतिबद्ध बताते हुए शाह ने सवाल किया कि ममता इस विधेयक का समर्थन करेंगी कि नहीं. आपको बता दें कि लोकसभा में पारित हो चुका नागरिकता विधेयक राज्यसभा में लंबित है. राज्यसभा में सत्ताधारी एनडीए का बहुमत नहीं है. मालदा की रैली में अमित शाह ने कहा, ‘‘महागठबंधन सिर्फ लोभ-लालच का गठबंधन है. वे मोदी को हटाना चाहते हैं जबकि हम गरीबी और भ्रष्टाचार हटाना चाहते हैं. वे ‘मजबूर सरकार’ चाहते हैं, ताकि वे भ्रष्टाचार में शामिल हो सकें. हम ‘मजबूत सरकार’ चाहते हैं ताकि हम पाकिस्तान को करारा जवाब दे सकें. अब लोगों को तय करना है कि वे ‘मजबूत’ सरकार चाहते हैं या ‘मजबूर’ सरकार.’’