नई दिल्ली: कांग्रेस द्वारा कर्नाटक में लोकतंत्र की हत्या के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या तो उसी क्षण हो गई थी जब हताश कांग्रेस ने तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए कर्नाटक में सरकार के गठन के लिए जेडीएस को समर्थन देने की ‘अवसरवादी’ पेशकश की थी. Also Read - बीजेपी का दावा- अमित शाह की वजह से दिल्ली में काबू में हुआ कोरोना, मोर्चा संभालने का हुआ असर

Also Read - डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि, बताया- दूरदर्शी नेता

कांग्रेस ने बुधवार को कर्नाटक के राज्यपाल द्वारा भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्यौता देने के निर्णय को ‘लोकतंत्र की हत्या और संविधान का उल्लंघन’ करार दिया था. कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने ट्वीट किया कि कांग्रेस अध्यक्ष को जाहिर तौर पर अपनी पार्टी का ‘गौरवशाली’ इतिहास याद नहीं होगा. भयावह आपातकाल, अनुच्छेद 356 का जबरदस्त तरीके से गलत इस्तेमाल, अदालत, मीडिया और नागरिक समाज को नीचा दिखाना राहुल गांधी की पार्टी की विरासत है. Also Read - गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO के 1000 बेड्स वाले अस्पताल का किया दौरा

कर्नाटक फतह: अमित शाह ने 34 दिन में कीं 59 रैलियां, 57 हजार किलोमीटर तक यात्रा

तुच्‍छ राजनीतिक फायदे के लिए जेडीएस के साथ आई कांग्रेस

शाह ने लिखा कि कर्नाटक में किसके पास जनता का साथ है? भाजपा, जिसे 104 सीटें मिली हैं या कांग्रेस जिसको 78 सीटें मिली हैं और उसके मुख्यमंत्री-मंत्री खुद बड़े अंतर से हारे हैं. जेडीएस को 37 सीटें मिली हैं और कई जगह जमानत जब्त हो गई है. जनता सब जानती है. उन्होंने कहा कि 2013 में 122 सीट जीतने वाली कांग्रेस आज घटकर 78 सीटों पर रह गई है. शाह ने कहा कि ‘लोकतंत्र की हत्या’ तो उसी समय हो गई जब उतावली कांग्रेस ने जेडीएस को अवसरवादी पेशकश की थी. कर्नाटक के विकास के लिए नहीं बल्कि अपने तुच्छ राजनीतिक फायदे के लिए.

कर्नाटक में सरकारः विश्वास मत को लेकर बोले येदियुरप्‍पा, सौ फीसदी है जीत का भरोसा

येदियुरप्‍पा ने आज ली मुख्‍यमंत्री पद की शपथ

उल्लेखलीय है कि बीएस येदियुरप्‍पा ने गुरुवार सुबह कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है लेकिन उसके पास बहुमत के जादुई आंकड़े से कुछ सीटें कम है. राज्य में खंडित जनादेश से लेकर अब तक नाटकीय घटनाक्रम में कांग्रेस और जद एस ने गठबंधन बनाया था और जद एस नेता कुमारस्वामी ने सरकार बनाने का दावा राज्यपाल के समक्ष पेश किया था.