नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज से लगभग 2 साल पहले यानी 25 नवंबर 2016 को पंजाब के बठिंडा में एम्स अस्पताल की नींव रखी थी. उस समय राज्य में अकाली दल और बीजेपी की गठबंधन वाली सरकार थी. बाद में चुनाव हुए और राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी और कैप्टन अमरिंदर सिंह राज्य के मुख्यमंत्री बने. अब लगभग 2 साल बाद जाकर एम्स कहां बनेगा इसकी जगह फाइनल हुई है.

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में पंजाब मंत्रिमंडल ने बठिंडा में बनने वाली एम्स परियोजना के लिए राज्य सरकार का एक भूखंड केन्द्र को हस्तांतरित करने का गुरूवार को निर्णय लिया. एक अधिकारिक बयान के मुताबिक, कैबिनेट ने चार एकड़, एक कनाल, 13 मराल माप वाली जमीन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को हस्तांतरित करने का निर्णय किया. इस भूमि का स्वामित्व पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना और राज्य के खेल विभाग के नाम पर है.

कैबिनेट ने बठिंडा के जोधपुर रोमाना गांव में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय से संबंधित 175.1 एकड़ जमीन के संबंध में पूर्व प्रभाव से मंजूरी प्रदान की. यह भूमि पहले ही मंत्रालय को निशुल्क स्थानांतरित कर दी गयी थी. प्रवक्ता ने बताया कि इस निर्णय के साथ बठिंडा में एम्स की इमारत बनाने के लिए भूमि की आवश्यकता को अब पूरा कर दिया गया है.

बठिंडा का एम्स 750 बिस्तर वाला एक ऐसा प्रमुख चिकित्सा संस्थान होगा जिसमें 10 विशिष्ट विभाग और 11 सुपर स्पेशलिटी विभाग होंगे.