नई दिल्ली: पंजाब के अमृतसर में रविवार को एक धार्मिक समागम पर पगड़ीधारी दो युवकों ने हथगोला फेंका जिससे तीन लोगों की मौत हो गई एवं कम से कम 10 अन्य घायल हुए. गृह मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगा. अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में पर्याप्त सुराग हैं और जांच सही दिशा में बढ़ रही है. Also Read - पेरिस: शार्ली एब्दो के पूर्व कार्यालय के पास चाकू से हमला, चार लोग घायल

अमृतसर के निरंकारी भवन में सत्संग के दौरान ग्रेनेड से हमला, तीन की मौत, 15 घायल

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने प्रारंभिक रिपोर्ट की जानकारी के अनुसार राजा सांसी गांव में मोटरसाइकिल से आए पगड़ीधारी दो युवकों ने एक प्रार्थना सभागार पर ग्रेनेड फेंका. उस वक्त सभागार में करीब 200 लोग थे. यह स्थान इंटरनेशनल एयरपोर्ट के समीप है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोटरसाइकल पर आए लोगों ने ग्रेनेड फेंका.

चेहरा ढंके दो हथियारबंद हमलावरों ने फेंका ग्रेनेड

कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि चेहरा ढंके दो हथियारबंद लोगों ने प्रवेश द्वार पर ड्यूटी दे रही एक महिला श्रद्धालु पर बंदूक तानकर उसे भवन की ओर चलने के लिए मजबूर किया. एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, ”प्रवेश करने के बाद उन्होंने भीड़ पर एक ग्रेनेड फेंका और भाग गए.”

एक ग्रेनेड फेंका, दोनों हमलावरों के पास पिस्‍टल थी

घटनास्थल का निरीक्षण करने वाले पुलिस महानिरीक्षक एस एस परमार ने पत्रकारों से कहा, ”एक ग्रेनेड फेंका गया और घटना में तीन लोग मारे गए जबकि 10 लोग घायल हो गए, जिनमें से दो गंभीर रूप से घायल हैं. ” प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से आईजी ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास पिस्‍टल थी और ग्रेनेड फेंकने के बाद वे घटनास्थल से फरार हो गए. आरोपियों को पकड़ने के लिए खोज अभियान चलाया गया है. उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, घटना के समय करीब 200 लोग सभागार में मौजूद थे. परिसरों में कोई सीसीटीवी नहीं लगा है.

केंद्रीय गृहमंत्री और सीएम के बीच बातचीत

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री कप्तान अमरिंदर सिंह से बातचीत की है. सिंह ने बताया उन्होंने मुझे अमृतसर में ग्रेनेड हमले के चलते स्थिति की जानकारी दी है. इस हमले के अपराधियों के खिलाफ सबसे मजबूत संभव कार्रवाई की जाएगी. गृह मंत्री ने कहा, आज पंजाब में अमृतसर में एक ग्रेनेड हमले में निर्दोष लोगों की मौत से गहराई से दुखी हूं. यह हिंसा एक ग़लत कार्य है. घायल लोगों की तेजी से वसूली के लिए इस हमले और प्रार्थनाओं में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी संवेदना.”

सीएम कैप्टन अमरिंदर हमले की निंदा की

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हमले की निंदा की. कानून एवं व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के बाद उन्होंने गृह सचिव, डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) और डीजी खुफिया को जांच की निगरानी करने के लिए राजा सांसी जाने के निर्देश दिए. पुलिस ने घटना के बाद भवन को सील कर दिया और राज्य में अन्य निरंकारी भवनों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी है. संत निरंकारी मिशन एक आध्यात्मिक संगठन है.

जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों की खबर पर अलर्ट

एक खुफिया सूचना में दावा किया गया है कि जैश-ए-मोहम्मद के छह से सात आतंकवादियों का एक समूह राज्य में, खासतौर से फिरोजपुर में मौजूद है. इस सूचना के बाद से पंजाब अलर्ट पर है. चार लोगों ने पिछले सप्ताह पठानकोट जिले में माधोपुर के समीप बंदूक दिखाकर एक ड्राइवर से एसयूवी छीन ली थी, जिसके बाद से राज्य अलर्ट पर है.

धार्मिक सभा के दौरान यह विस्फोट हुआ

अमृतसर के बाहरी इलाके के राजा सांसी के समीप अदलिवाला गांव में निरंकारी भवन में निरंकारी पंथ की धार्मिक सभा के दौरान यह विस्फोट हुआ. रविवार को करीब 200 लोगों से भरे एक प्रार्थना सभागार में ग्रेनेड हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और कम से कम 10 लोग घायल हो गए.

हमले की जगह इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास

बता दें कि रविवार को अमृतसर में राजासांसी के समीप अदलीवाल गांव में निरंकारी भवन में निरंकारी समागम के दौरान ग्रेनेड धमाका हुआ. यह जगह इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास है. मंत्रालय के एक अन्य अधिकारी के अनुसार पंजाब पुलिस ने अतीत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सात स्वयंसेवकों की हत्या की शानदार जांच की और वह ऐसी अन्य घटनाओं के पीछे की साजिश को बेनकाब करने में समर्थ है.