नई दिल्ली: अमृतसर में शुक्रवार को रावण दहन के दौरान हुए रेल हादसे के बाद राज्य के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को अमृतसर का दौरा किया. सीएम ने हवाई अड्डे पर रेलवे और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की. इसके बाद अस्पताल में घायलों से मुलाकात की.सीएम ने मैजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि 4 हफ्ते में जांच रिपोर्ट आएगी. उन्होंने कहा कि एक दूसरे पर हादसे की जिम्मेदारी थोपना ठीक नहीं है. सिर्फ 9 शवों की पहचान नहीं हो पाई है. यह पूछे जाने पर कि वह हादसे वाली जगह क्यों नहीं गए. सीएम ने कहा कि हर वीआईपी पहुंचेगा तो काम कैसे होगा. उन्होंने कहा कि मेरी सरकार रातभर काम करती रही.Also Read - Bhagwant Mann Wedding: फिर से दूल्हा बनेंगे पंजाब के CM भगवंत मान, केजरीवाल भी करेंगे शिरकत | Watch Video

कैप्टन ने कहा कि पीड़ित परिवार के साथ मेरी संवेदना है. पीड़ितो को मुआवजा देने के लिए तीन करोड़ जारी करने के आदेश दिए हैं. सीएम ने बताया कि 59 लोगों की मौत हुई है वहीं 57 घायल है. हम कोशिश कर रहे हैं कि जितना जल्दी हो सके सभी शवों का पोस्टमॉर्टम हो सके. 9 शवों के अलावा अन्य शवों की पहचान कर ली गई है. उन्होंने बताया कि जब हादसा हुआ पूरा प्रशासन मदद करने में जुट गया. आज पंजाब की पूरी कैबिनेट यहां है. Also Read - सिद्धू मूसेवाला के पैतृक गांव मूसा जाएंगे सीएम भगवंत मान, परिजनों से करेंगे मुलाकात

इससे पहले पंजाब के मंत्री एवं स्थानीय विधायक नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि ट्रेन की चपेट में आने से हुई 61 लोगों की मौत एक दुर्घटना थी और किसी ने भी यह जानबूझ कर नहीं किया. हालांकि उन्होंने कहा कि “बड़ी लापरवाही” हुई और अपने आलोचकों से इस घटना पर राजनीति नहीं करने को कहा. मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. मैंने कुछ लोगों से बात की जिन्होंने बताया कि कुछ लोग रेलवे पटरी पर खड़े थे जबकि कुछ लोग पटरी के पास एक पत्थर पर बैठे हुए थे. रावण का पुतला जब जलाया गया तब कुछ लोग पीछे हटने लगे. तभी एक ट्रेन तेज गति से आई और कोई हॉर्न नहीं बजा जिससे लोगों को पास आती ट्रेन के बारे में पता नहीं चल सका और यह सब एक या दो सेकेंड के भीतर हुआ. Also Read - पंजाबी सिंगर मूसेवाला के अंतिम संस्कार के भावुक कर देने वाले पल, रोते-बिलखते पिता ने भारी भीड़ में उतारी अपनी पगड़ी | Watch Video  

उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू पर पीड़ितों की परवाह किए बिना मौके से निकल जाने का आरोप लग रहा है जिसके बचाव में उन्होंने कहा कि जब उनपर आरोप लगाए जा रहे थे वह अस्पताल में मरीजों से मिल रही थीं. उन्होंने कहा जब मैंने शुक्रवार को अपनी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू से बात की थी तो वह अस्पताल में थीं. इस बीच कांग्रेस नेता ने शनिवार सुबह स्थानीय अस्पतालों का दौरा किया और मरीजों एवं उनके रिश्तेदारों से मुलाकात की.

सिद्धू ने कहा कि वह हादसे के बारे में जानकर स्तब्ध थे. उन्होंने यह भी बताया कि वह शुक्रवार को एक कार्यक्रम के सिलसिले में कालीकट में थे. मंत्री ने किसी पर अंगुली उठाने से मना करते हुए कहा, “किसी ने भी जानबूझ कर यह नहीं किया है. हालांकि इस घटना के पीछे बड़ी लापरवाही हुई है..जब मैं लापरवाही की बात करता हूं तो इसका अर्थ यह है कि कुछ लोग अपनी जिम्मेदारियों तक को नहीं समझते हैं घटना को अपूर्णीय क्षति बताते हुए उन्होंने कहा, “ऐसा करने की किसी भी मंशा नहीं थी. इसके पीछे कोई मकसद नहीं था. उन्होंने आग्रह किया कि घटना को “राजनीतिक शक्ल” न दी जाए.