नई दिल्ली: पंजाब के अमृतसर में हुए ट्रेन हादसे ने राजनीतिक रंग ले लिया है. विपक्ष ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर रेलवे पटरी के पास समारोह की अनुमति देने में खामियों का आरोप लगाया है. पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी इस समारोह की मुख्य अतिथि थीं. घटना के बाद मौके से उनके तुरन्त चले जाने के आरोप लगे हैं. बाद में उन्होंने उस अस्पताल का दौरा किया जहां घायलों को एडमिट कराया गया है. उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि घायलों को समुचित इलाज मिले.

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नवजोत कौर सिद्धू ने कहा,‘‘रावण का पुतला जला दिया गया था और मैं वहां से निकली ही थी कि यह हादसा हुआ. प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि घायलों को इलाज मिले. उन्होंने लोगों से इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने से बचने की सलाह दी. उन्होंने बताया कि रावण को जलाकर घर वापस लौट आई थीं. तभी पता चला कि हड़कंप मच गई. ट्रेन फुट स्पीड से आई. लोग तरह-तरह की बातें कर रहे थे. मैंने वापस आने के लिए कमिश्नर को फोन किया, लेकिन उन्होंने कहा कि पथराव हो रहा है. फिर मैं अस्पताल पहुंची.

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उन्होंने बताया कि मैं सारी रात अस्पताल में रही. उन्होंने कहा कि हादसे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए. हर साल वहां पर दशहरा होता है. उन्होंने कहा कि हमने उनके ऊपर ट्रेन नहीं चढ़ाई. हमारे इलाके के लोग हैं हम उनके लिए तड़प रहे हैं. उनके लिए मर रहे हैं कि हम उन्हें बचाएं. उनके लिए कुछ कर पाएं. उन्होंने कहा कि हर साल वहीं दशहरा होता था. अकाली दल भी वहीं पर दशहरा मनाता था. भगवान न करे ऐसा हादसा किसी के साथ न हो.

उन्होंने बताया कि रेलवे को फोन किया तो कई लोगों ने बताया कि फाटक खुला था. हर साल यहां पर वॉर्निंग होती है क्योंकि हमारा सारा इलाका रेलवे के आसपास ही होता है. 6 जगह रावण जलाए. सारी जगहें रेलवे ट्रैक के पास हैं. उन्होंने हादसे के लिए रेलवे को जिम्मेदार ठहराया. वहीं केन्द्रीय मंत्री और अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की है.

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उन्होंने ट्वीट किया,‘अमृतसर ट्रेन हादसे में कई निर्दोष लोगों की जान जाने के संबंध में शोक व्यक्त करने के लिए पर्याप्त शब्द नहीं हैं. हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों के साथ मेरी गहरी संवेदना है. इस घटना की जांच होनी चाहिए क्योंकि इससे प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हुए है.’भाजपा नेता और केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि यह एक त्रासदी थी जिसे टाला जा सकता था. अकाली दल के अन्य नेता बिक्रम मजीठिया ने कहा कि ट्रेन दुर्घटना की दुर्भाग्यपूर्ण खबर सुनकर वह दुखी हैं.कुछ विपक्षी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बिना किसी उचित मंजूरी के रेल पटरियों के निकट कांग्रेस द्वारा दशहरा आयोजित कराया गया.