नई दिल्ली: पंजाब में अमृतसर के निकट शुक्रवार शाम रावण दहन देखने के लिए रेल पटरियों पर खड़े लोगों के ट्रेन की चपेट में आने से कम से कम 61 लोगों की मौत हो गई, जबकि 72 अन्य घायल हो गए. ट्रेन जालंधर से अमृतसर आ रही थी तभी जोड़ा फाटक पर यह हादसा हुआ. मौके पर कम से कम 300 लोग मौजूद थे जो पटरियों के निकट एक मैदान में रावण दहन देख रहे थे. हादसे की परेशान कर देने वाली वीडियो फुटेज दिखा रही है कि जब यह हादसा हुआ तब कई लोग कार्यक्रम की अपने मोबाइल से वीडियो बना रहे थे.

अमृतसर में मनावला और फिरोजपुर स्टेशनों के बीच यह हादसा हुआ. पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर रावण दहन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थीं. उन्होंने बाद में कहा कि कोई भी नहीं जानता था कि हादसा कैसे हुआ. सब जश्न मना रहे थे और पटरियों पर सेल्फी ले रहे थे. वहीं कुछ लोगों का दावा है कि ये दशहरा समारोह कांग्रेस ने आयोजित किया था और इसकी अनुमति नहीं ली गई थी.

मौके पर मौजूद एक व्यक्ति का कहना है कि कांग्रेस ने इसे बिना अनुमति के आयोजित किया. आरोप है कि इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आईं, पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर हादसे के बाद भी भाषण देती रहीं. हालांकि नवजोत कौर ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि इस तरह के आरोप गलत हैं. मैं इस हादसे से आधे घंटे पहले ही वहां से निकल गई थी. ये दशहरा हर साल आयोजित होता है. अकाली दल को इस पर कोई राजनीति नहीं करनी चाहिए.

हादसे वाली जगह की शनिवार सुबह की तस्वीरें सामने आई हैं. दशहरे के मौके पर अमृतसर के पास हुए हादसे को लेकर रेलवे का कहना है कि पुतला दहन देखने के लिए लोगों का वहां पटरियों पर एकत्र होना ‘स्पष्ट रूप से अतिक्रमण का मामला’ था और इस कार्यक्रम के लिये रेलवे द्वारा कोई मंजूरी नहीं दी गई थी.