नई दिल्ली: पंजाब और रेलवे पुलिस ने शनिवार को अमृतसर में 61 लोगों को कुचलने वाली ट्रेन के ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पंजाब पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डीएमयू (डीजल मल्टीपल यूनिट) के ड्राइवर को लुधियाना रेलवे स्टेनशन से हिरासत में लिया गया और शुक्रवार रात को हुई इस घटना के संदर्भ में पूछताछ की गई. सूत्रों ने बताया कि ड्राइवर का कहना है कि उसने ग्रीन सिग्नल दिया था और रास्ता साफ था, लेकिन उसे कोई अंदाजा नहीं था कि बड़ी संख्या में लोग रेलवे ट्रैक पर खड़े हैं. Also Read - Sardool Sikander Dies: पंजाबी गायक Sardool Sikander का निधन, कोरोना वायरस से थे संक्रमित

इस दशहरा कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि आयोजक अंडरग्राउंड हो गए हैं. रेलवे अधिकारी इस संदर्भ में जानकारियां जुटा रहे हैं. केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने शुक्रवार रात घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने कहा कि घटना की जांच की जा रही है. यहां और नई दिल्ली का रेल प्रशासन खुद का बचाव करता नजर आया कि उन्हें इस स्थान पर दशहरे के कार्यक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. स्थानीय पुलिस ने लोगों को इस व्यस्त रेलवे ट्रैक पर आने से नहीं रोका. Also Read - Delhi में 5 राज्‍यों के लोगों की एंट्री पर नियम सख्‍त, प्रवेश करने पर दिखानी होगी Covid-19 की Negative Test Report

पंजाब पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है. अमृतसर पुलिस आयुक्त एस.एस.श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि शुक्रवार देर रात बचाव कार्य पूरा हो जाने के बाद पुलिस ने पूरी स्थिति का आकलन किया. पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने शनिवार को मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन ड्राइवर, रेलवे अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन की जांच की जा रही है. शनिवार सुबह बड़ी संख्या में लोगों को घटनास्थल पर घूमते देखा गया. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जिस वक्त ट्रेन गुजरी उस समय पीड़ित रावण दहन देख रहे थे और इसका अपने मोबाइल से वीडियो बना रहे थे. Also Read - COVID-19 in India: भारत में कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक, चार राज्यों में फिर लगेगा Lockdown?

वहीं इस हादसे में घायल लोगों से मिलने और उनका हालचाल जानने के लिए शनिवार को पंजाब के राज्यपाल वी.पी.सिंह बदनौर और कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू अस्पताल पहुंचे. बदनौर शनिवार तड़के ही अस्पताल पहुंचे और गुरु नानकदेव गवर्मेट अस्पताल में घायलों से मिले. उन्होंने चंडीगढ़ से रवाना होने से पहले मीडिया को बताया, “यह एक बड़ी दुखद घटना है. डॉक्टर्स यहां घायलों को बचाने की भरसक कोशिश कर रहे हैं.”

राज्य के शिक्षा मंत्री और अमृतसर के विधायक ओ.पी.सोनी भी अस्पताल में मौजूद थे. सिद्धू शनिवार सुबह अस्पताल पहुंचे. अमृतसर में जोड़ा फाटक के पास शुक्रवार शाम को जहां यह रावण दहन का कार्यक्रम हुआ था, वहां सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू बतौर चीफ गेस्ट मौजूद थी. सिद्धू ने अस्पताल में घायलों और उनके परिवार वालों से मिले और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह भी शनिवार को यहां पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मिल सकते हैं.

(इनपुट-आईएएनएस)