नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने गुरुवार को कहा कि एएन-32 विमान हादसे में जान गंवाने वाले वायुसेना के छह कर्मियों के शव और सात अन्य लोगों के पार्थिव अवशेष बरामद किए जा चुके हैं. आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी. अरुणाचल प्रदेश में 3 जून को यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. एएन 32 विमान ने असम के जोरहाट से तीन जून को मेंचुका एडवास्ड लैंडिंग ग्राउंड के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन आधे घंटे के बाद ही इससे संपर्क टूट गया था. वायुसेना ने पिछले हफ्ते गुरुवार को कहा था कि विमान में सवार सभी 13 वायु सैनिकों की इस हादसे में मौत हो चुकी है.

पिछले एक सप्ताह से भी अधिक समय से भारतीय वायुसेना दुर्घटनास्थल पर, शव बरामद करने की कोशिश कर रही थी. खराब मौसम की वजह से हवाई अभियानों में लगातार दिक्कत आ रही थी. एएन-32 विमान तीन जून को लापता हुआ था और इसके मलबे का पता 11 जून को चल पाया. एक अधिकारी ने कहा, इससे पहले 11 जून को विमान का मलबा एक दूरदराज इलाके में दिखा था, तभी से घटनास्थल पर पहुंचने और शवों को बरामद करने की कोशिश की जा रही थी.

दुर्घटनाग्रस्त विमान का मलबा 11 जून को मिला था जिसके बाद अगले ही दिन 15 पर्वतारोहियों के दल को हादसाग्रस्त स्थल के करीब उतारा गया था . बाद में तीन और पर्वतारोही राहत एवं बचाव दल में शामिल किए गए. भारतीय वायु सेना राज्य प्रशासन के साथ सक्रियता से सहयोग कर रही है.

राहत एवं बचाव दल ने इस रूसी विमान का काकपिट वायस रिकार्डर (सीवीआर) और उड़ान डाटा रिकॉर्डर (एफडीआर) पिछले सप्‍ताह शुक्रवार को मौके से बरामद किया था. इस सप्‍ताह मंगलवार को सर्च अभियान मौसम की खराबी के कारण रोकना पड़ा था. इसके बाद मारे गए एयरफोर्स कर्मियों के शव बरादम किए जा सके. अरुणाचल प्रदेश में दुर्घटनाग्रस्त एएन -32 विमान में सवार 13 वायु सैनिकों के शवों को निकालने का अभियान मंगलवार को भी निलंबित रहा था. हालांकि, एक टीम जिसमें गरुड़ कमांडो, नागरिक पोर्टर्स और शिकारी शामिल हैं पैदल मार्ग से घटनास्थल की ओर भेजी गई थी.