नई दिल्लीः बीजेपी सांसद अनंत हेगड़े ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि आखिर क्यों बहुमत नहीं होने के बाद भी देवेंद्र फड़णवीस 80 घंटों के लिए महाराष्ट्र के सीएम बने. हेगड़े के इस खुलासे ने एक बार फिर से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल पैदा कर दी. उन्होंने कहा कि यह हमारी सोची समझी नीति थी. उन्होंने कहा कि जिस काम के लिए सरकार बनाई थी हमने वो किया.

बता दें कि 24 अक्टूबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के लगभग एक महीनें बाद भी कोई राजनीतिक दल सरकार बनाने में सक्षम नहीं था. इसके बाद अचानक देवेंद्र फडणवीस ने एनसीपी नेता अजीत पवार के समर्थन से 23 अक्टूबर की सुबह महाराष्ट्र के सीएम के तौर पर शपथ ले ली. भाजपा के अचानक इस निर्णय से सभी राजनीतिक दलों की गतविधिया तेज हो गई और एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना ने देवेंद्र फडणवीस और सरकार के खिलाफ बहुमत न होने के बाद मोर्चा खोल दिया था.

इस चार दिन की सरकार के खिलाफ शिवसेना ने सामना में लिखा कि महाराष्ट्र की जनता को धोखे में रखकर जिस तरह से सरकार का गठन किया गया था उसके लिए इतिहास में आपका नाम दर्ज होगा और लोगों को बताया जाएगा कि आखिर किस प्रकार से एक मुख्यमंत्री विधानसभा का बिना सामना किए बिना 80 घंटे के अंदर चला गया.

अनंत हेगड़े ने इस पर खुलासा करते हुए कहा कि सब लोग भाजपा और देवेंद्र फड़णवीस पर आरोप लगा रहे है कि गलत तरीके से सरकार बनाई गई लेकिन इसके पीछे एक बड़ा कारण था. उन्होंने कहा कि हमारे पास बहुमत नहीं है यह हमें भी मालूम था लेकिन हमने सरकार बनाने का एक ड्रामा किया था. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की तरफ से महाराष्ट्र को 40,000 करोड़ का फंड दिया गया था. और यदि शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस सरकार बनाती तो वह विकास कार्यों की बजाय इस राशि का दुरुपयोग करती.

उन्होंने कहा कि बस इसी वजह से भाजपा ने एक ड्रामा किया और देवेंद्र फड़णवीस को सीएम पद की शपथ दिलाई. उन्होंने कहा कि सीएम बनते ही 15 घंटे के अंदर महाराष्ट्र को मिली राशि केंद्र सरकार को वापस कर दी.