नई दिल्लीः आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने केन्द्र से राज्य को विशेष दर्जा देने और 2014 में इसके विभाजन से पहले किए सभी वादों को पूरा करने की मांग को लेकर सोमवार को यहां एक दिवसीय अनशन शुरू किया. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित विपक्षी दलों के कई नेताओं के नायडू के समर्थन में यहां पहुंचने की उम्मीद है. Also Read - Labor Laws In India: कर्मचारियों की EL बढ़ाकर 300 करने और PF के मामले में केंद्र सरकार ले सकती है बड़ा फैसला

तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख आंध्र प्रदेश भवन में अनशन पर बैठे हैं. नायडू ने अनशन शुरू करने से पहले महात्मा गांधी को राज घाट पर और भीम राव आंबेडकर को आंध्र प्रदेश भवन में श्रद्धांजलि दी. Also Read - कोरोना वायरस और बर्ड फ्लू के बीच आंध्र प्रदेश के इस गांव में इस रहस्यमयी बीमारी का साया, सामने आए 29 मामले

तेदेपा का एक प्रतिनिधिमंडल नायडू के नेतृत्व में मंगलवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को एक ज्ञापन सौंपेगा. आम चुनाव से पहले तेदेपा प्रमुख भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने में लगे हैं. भाजपा विरोधी गठबंधन के लिए पिछले तीन महीने में वह कई बैठकें कर चुके हैं. आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर तेदेपा मार्च 2018 में राजग सरकार से अलग हो गया था.

पार्टी ने नरेन्द्र मोदी सरकार पर पोलावरम सिंचाई परियोजना, कडप्पा इस्पात संयंत्र और निर्माणाधीन अल्ट्रा-आधुनिक राज्य की राजधानी अमरावती के लिए धन नहीं देने का आरोप भी लगाया है. आंध्र प्रदेश को दो जून 2014 को दो हिस्सों में बांट दिया गया था. हैदराबाद नए राज्य तेलंगाना की राजधानी बन गया.