नई दिल्लीः आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी (Jaganmohan Reddy) ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को 8 पन्नों का पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज एन. वी. रमन्ना पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. जगन मोहन रेड्डी ने एन. वी. रमन्ना पर पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के साथ मिलकर सरकार गिराने की कोशिश के आरोप लगाए हैं. अपने पत्र में मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने सुप्रीम कोर्ट के जज एन. वी. रमन्ना. की बेटियों पर जमीन की खरीद-फरोख्त में शामिल होने की बात भी कही है. Also Read - Diwali Bonus: लॉकडाउन के दौरान समय पर EMI चुकाने वालों को कैशबैक देगी सरकार, जानें क्या है पूरा मामला

सीएम रेड्डी का आरोप है कि जज रमन्ना की बेटियां ना सिर्फ जमीन की खरीद-फरोख्त में शामिल रहीं, बल्कि उन्होंने पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू के मामलों में सुनवाई को भी प्रभावित किया है. सीएम जगनमोहन रेड्डी ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को ये पत्र 6 अक्टूबर को हैदराबाद से लिखा था. जिसे उनके प्रमुख सलाहकार अयेज कल्लम की ओर से मीडिया के सामने रिलीज किया गया. Also Read - Bank loan Interest Relief: कर्जदारों को केंद्र सरकार का बड़ा दिवाली तोहफा, बैंक से इतने रुपये तक का कर्ज लेने वालों को ब्याज में दी राहत

आंध्र प्रदेश में TDP और YSRCP के बीच रिश्ते इतने बिगड़ चुके  हैं कि खुद मुख्यमंत्री को न्यापालिका के पास जाना पड़ा है. यह एक बहुत बड़ी बात है कि जहां लोग न्याय कि गुहार लगाते हैं और खुद सीएम जगन मोहन रेड्डी न्याय चाहते हैं उन्होंने उसी न्यापालिका के एक वरिष्ठ जज पर सरकार गिराने का गंभीर आरोप लगाया है. Also Read - Loan Moratorium Update: लोन मोरेटोरियम के दौरान कर्ज पर ब्याज छूट को लेकर वित्त मंत्रालय ने जारी किया यह दिशानिर्देश

उन्होंने सीजेआई को लिखे पत्र में कहा कि जस्टिस रमन्ना के विपक्षी दलों से घनिष्ठ संबंध है और वे हाईकोर्ट में टीडीपी के भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों को प्रभावित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनके प्रभाव के चलते ही विरोधी दलों के मामलों को अब तक कुछ खास जजों के पास ही रखा गया है.

सीएम जगन मोहन रेड्डी पर वरिष्ठ जज पर आरोप लगाया है कि टीडीपी के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू के इशारों पर राज्य सरकार को अस्थिर करने और गिराने की कोशिश की जा रही है.