अमरावती (आंध्रप्रदेश): आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र से अपना हक मांगने पर राज्य को धमकाने के लिए आयकर छापे का इस्तेमाल करने का सोमवार को आरोप लगाया और कहा कि ‘प्रतिशोध का रवैया’ अपनाना ठीक नहीं है. ‘नीरु प्रगति’ (पानी और प्रगति) पर शीर्ष नौकरशाहों और जन प्रतिनिधियों के साथ साप्ताहिक टेलीकॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार सामने रखे. Also Read - VIDEO: सरकारी दफ्तर में महिला ने मास्क पहनने को कहा, शख्स ने ज़मीन पर पटक लात घूंसों से पीटा

उन्होंने दार्शनिक अंदाज में यह भी कहा कि धर्म, न्याय और सद्कर्म ही स्थायी रहेंगे. केंद्र के विरुद्ध उनका आरोप ऐसे समय में आया है जब कुछ समय पहले आयकर विभाग ने 12 अक्टूबर को आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में तेदेपा के राज्यसभा सदस्य सी. एम. रमेश के परिसरों पर छापा मारा था. नायडू ने कहा कि हम प्रकृति से निपटने में सक्षम हैं लेकिन हम राजनीति से निपटने में समर्थ नहीं हैं. एक तरफ राज्य के विभाजन से उत्पन्न समस्याओं से जूझ रहा है तो दूसरी तरफ हम प्राकृतिक आपदाओं से घिरे हैं. हम संकल्प के साथ स्थिति से उबर रहे हैं. उनका इशारा पिछले हफ्ते भयंकर तूफान से हुई तबाही की ओर था. Also Read - Rajya Sabha Elections 2020: वाईएसआर कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश की सभी चार राज्यसभा सीटों पर हासिल की जीत

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और भाजपा पर परोक्ष प्रहार करते हुए कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी (कांग्रेस) ने तब (तेलंगाना बनाने के लिए विभाजन कर) राज्य के साथ अन्याय किया, तो दूसरी राष्टूीय पार्टी (भाजपा) असहयोग कर अब अन्याय कर रही है. विशेष राज्य के दर्जे की मांग पर राजग से अलग होने वाले नायडू ने कहा कि जब हम अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं तब वह (केंद्र) हम पर हमला कर रहा है. वह आयकर छापे डलवा कर हमें धमका रहे हैं. यह लोकतांत्रिक भावना नहीं है. Also Read - LG पॉलिमर्स इंडिया के संयंत्र में प्रदर्शन करने जा रहे वाम दलों के कई कार्यकताओं के खिलाफ FIR