विशाखापत्तनम: आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एलजी पॉलीमर्स लिमिटेड की फैक्टरी से गैस लीक होने की घटना के सिलसिले में पुलिस ने प्रबंधन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और लापरवाही के कारण मौत का मामला दर्ज किया है. गुरुवार को तड़के हुई इस गैस लीक से 11 लोगों की मौत हुई है और करीब 1,000 लोगों का स्वास्थ्य इससे प्रभावित हुआ है. Also Read - देश में 24 घंटे में कोरोना के 9,851 नए मामले, संक्रमितों का आंकड़ा 2 लाख 26 हजार के पार

वहीं, आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने स्टाइरीन गैस लीक मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य और केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है. साथ ही सवाल किया कि आखिर बसावट के बीच ऐसी फैक्टरी को काम करने की अनुमति कैसे दी गई. Also Read - यूपी के प्रतापगढ़ में ट्रक- स्कार्पियो के बीच भयंकर भिड़ंत, बिहार के 9 लोगों की मौत

वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने कहा है कि VizagGasLeaking घटना में मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी और वेंटिलेटर पर रहने वालों को 10 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी. Also Read - यूपी में एक दिन में सबसे ज्यादा 15 कोरोना मरीजों की मौत, अब तक इतने हजार संक्रमित

दिल्ली: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने VizagGasLeak घटना का संज्ञान लिया है. एनजीटी इस मामले पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा.

तड़के हुई इस लीक के कुछ घंटे के भीतर ही गोपालपट्टनम पुलिस ने एलजी पॉलीमर्स लिमिटेड के प्रबंधन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैरइरादन हत्या), 337 (दूसरों के जीवन और व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालकर उसे हानि पहुंचाना), और 338 (गंभीर रूप से चोट पहुंचाना) में मामला दर्ज किया है.

स्वत: संज्ञान लेते हुए अदालत ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को इस मामले में न्यायमित्र नियुक्त करते हुए मामले की सुनवाई अगले सप्ताह करना तय किया. अदालत ने कहा, ”स्वत: संज्ञान वाले मामले को सरकार के खिलाफ कदम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. हमने इसपर संज्ञान इसलिए लिया है, क्योंकि मानव जीवन इससे जुड़ा हुआ है.”

सूत्रों ने बताया कि घटना के बाद हालात का जायजा लेने विशाखापत्तनम पहुंचे मुख्यमंत्री वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी ने एलजी पॉलीमर्स लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और दुर्घटना पर उनकी राय जानी. सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री के विजयवाड़ा से रवाना होने से पहले कंपनी के अधिकारियों ने हवाईअड्डा लांज में उन्हें स्पष्टीकरण दिया.