अमरावती. आंध्र प्रदेश सरकार की योजना के मद्देनजर संबंधित प्राधिकरण के अधिकारियों ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के ‘अवैध’ घर के बाहर उसे तोड़ने का नोटिस चिपकाया है. नायडू के आवास से सटे सरकारी भवन प्रजा वेदिका के गिराने की प्रक्रिया को पूरा करने के एक दिन बाद राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (सीआरडीए) ने कृष्णा नदी के किनारे बसे नायडू के घर के मुख्य द्वार पर नोटिस चिपका दिया. आपको बता दें कि कुछ ही दिन पहले जगन रेड्डी की सरकार ने नायडू द्वारा बनाए गए प्रजा वेदिका नाम के भवन को ढहा दिया था. नायडू ने राज्य सरकार से प्रजा वेदिका के इस्तेमाल की इजाजत मांगी थी, लेकिन सरकार ने इस आग्रह को ठुकराते हुए भवन को अवैध करार देकर इसे ढहा दिया. Also Read - आंध्र प्रदेशः CM जगन मोहन रेड्डी ने CJI को लिखा 8 पन्नों का पत्र, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज पर लगाए गंभीर आरोप

यह नोटिस लिंगमनेनी रमेश के नाम पर दिया गया है. उनसे 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नायडू ने लीज पर घर लिया था. सीआरडीए के अनुसार, यह घर नदी संरक्षण अधिनियम और अन्य नियमों और विनियमों का उल्लंघन करते हुए नदी से 100 मीटर के अंदर बनाया गया है. Also Read - मौत का सिलसिला: अब टॉलीवुड स्टार Jaya Prakash Reddy का निधन, सदमे में फिल्म जगत  

राज्य की राजधानी अमरावती में निर्माण से संबंधित सरकारी एजेंसी ने रमेश से आठ दिनों में उल्लंघन पर स्पष्टीकरण देने को कहा है. स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर नोटिस में उन्हें कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. नायडू के घर के बाहर लगाए गए नोटिस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए टीडीपी के वरिष्ठ नेता वाई. रामकृष्णुडु ने इसे वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार का बदला कहा है. Also Read - TDP प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने CM जगनमोहन रेड्डी से कहा: अमरावती से न हटाएं राजधानी

उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि यह नोटिस कैसे भेजा जा सकता है जब स्थानीय विधायक ए. रामाकृष्णा रेड्डी की एक कथित अनधिकृत याचिका पहले से ही आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में विचाराधीन है.