आंध्र प्रदेश: तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) के विधायक निम्माला नायडु ने मजदूरों के मन से भूत का भय मिटाने के लिए श्मशान घाट में रात बिताई. शुक्रवार को टीडीपी विधायक नायडु ने ऐलान किया कि भूत जैसी कोई चीज नहीं होती है और वो मजदूरों के मन से भूत का डर निकालने के लिए श्मशान में रात बिताकर दिखाएंगे. इसके बाद हुआ भी ऐसा ही विधायक ने शुक्रवार को श्मशान घाट में ही खाना खाया और फिर वहीं सो गए. उनके इस कदम की केरल के मुख्यमंत्री ने भी तारीफ की है. Also Read - बेटी को दफनाने गए व्यक्ति को घड़े में जिंदा मिली नवजात बच्ची, लोग कह रहे- जाको राखे साइयां...

क्या था मामला?
दरअसल पूरा मामला तब शुरू हुआ जब श्मशान घाट में मरम्मत कराने की बात आई. आंध्र प्रदेश के पालाकोल शहर में स्थित श्मशान की हालत बहुत खराब है. बारिश के दिनों में यह एकदम दलदल में बदल जाता है. इसके अलावा यहां न तो डेड बॉडी को रखने के लिए कोई ढंग का प्लेटफॉर्म है, न ही अंतिम संस्कार के बाद नहाने की सुविधा. पास में बहुत सारा कचरा पड़ा है जिसमें से बदबू आती रहती है.

इस समस्या के समाधान के लिए विधायक ने राज्य सरकार से आठ महीने पहले तीन करोड़ रुपए स्वीकृत करवाए थे. लेकिन दिक्कत तब आई जब कोई भी ठेकेदार श्मशान घाट में काम करने को तैयार नहीं था. बड़ी मुश्किल से जो ठेकेदार काम करने को तैयार हुआ उसके मजदूर भी डर के मारे काम पर आने से कतराने लगे.

अंधविश्वास मिटाया
जब ठेकेदार ने विधायक को बताया कि श्मशान में भूत के डर से उसके मजदूर काम पर आने से कतरा रहे हैं तो विधायक ने खुद ही इस समस्या का समाधान निकालने का फैसला किया और तय किया कि वो श्मशान घाट में रात बिताकर दिखाएंगे ताकि मजदूरों के मन से डर निकल सके. विधायक 22 जून को दिनभर श्मशान में बैठे रहे.

वहीं से अपना सारा काम किया. फिर रात को वहीं अपनी चारपाई बिछाई और सो गए. अगले दिन उन्होंने कहा कि यहां भूत जैसा कुछ नहीं है. बस कचरे की बदबू और मच्छरों से परेशानी हुई. उसके लिए वो मच्छरदानी का इंतजाम कर आराम से सोए.

मिली कामयाबी
विधायक की इस पहल का मजदूरों पर असर पड़ा और वो काम पर आने को तैयार हो गए. इसके बाद श्मशान में मरम्मत कार्य शुरू हुआ. अब विधायक पूरे काम की खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं. विधायक को जल्द ही श्मशान की हालत सुधरने की उम्मीद है. आंध्र यूनिवर्सिटी से एमफिल-पीएचडी नायडु 2014 में पहली बार विधायक चुने गए थे.