विशाखापत्तनम: आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एलजी पॉलीमर्स लिमिटेड की फैक्ट्री से गैस लीक होने की घटना के सिलसिले में पुलिस ने प्रबंधन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और लापरवाही के कारण मौत का मामला दर्ज किया है. बृहस्पतिवार तड़के हुई इस गैस लीक से 11 लोगों की मौत हुई है और करीब 1,000 लोगों का स्वास्थ्य इससे प्रभावित हुआ है. Also Read - भूखा-नंगा था भिखारी, मदद करने पहुंचे तो मिले 2 लाख Cash, फिर ये हुआ...

वहीं, आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने स्टाइरीन गैस लीक मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य और केन्द्र सरकार को नोटिस भेजा है. साथ ही सवाल किया कि आखिर बसावट के बीच ऐसी फैक्टरी को काम करने की अनुमति कैसे दी गई. तड़के हुई इस लीक के कुछ घंटे के भीतर ही गोपालपट्टनम पुलिस ने एलजी पॉलीमर्स लिमिटेड के प्रबंधन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैरइरादन हत्या), 337 (दूसरों के जीवन और व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालकर उसे हानि पहुंचाना), और 338 (गंभीर रूप से चोट पहुंचाना) में मामला दर्ज किया है. Also Read - इन तीन राज्‍यों में जाने वाले ट्रेनों के यात्री ध्‍यान दें, स्‍टॉपेज में किए गए हैं बदलाव

स्वतं: संज्ञान लेते हुए अदालत ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को इस मामले में न्यायमित्र नियुक्त करते हुए मामले की सुनवाई अगले सप्ताह करना तय किया. अदालत ने कहा, ‘‘स्वत: संज्ञान वाले मामले को सरकार के खिलाफ कदम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. हमने इसपर संज्ञान इसलिए लिया है क्योंकि मानव जीवन इससे जुड़ा हुआ है.’’ Also Read - Video: लॉकडॉउन के बीच गांव में सियासत का पारा चढ़ा, एक ही पार्टी के दो गुटों के बीच हुई ये भिड़ंत

सूत्रों ने बताया कि घटना के बाद हालात का जायजा लेने विशाखापत्तनम पहुंचे मुख्यमंत्री वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी ने एलजी पॉलीमर्स लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और दुर्घटना पर उनकी राय जानी. सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री के विजयवाड़ा से रवाना होने से पहले कंपनी के अधिकारियों ने हवाईअड्डा लांज में उन्हें स्पष्टीकरण दिया.