हैदराबाद: आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा इलाके के एक सरकारी अस्पताल में चौंकाने वाला मामला सामने आया है. अस्पताल में बेड की इतनी कमी थी कि एक ही बिस्तर पर चार-चार महिलाओं को लिटा दिया गया. डिलीवरी के बाद महिला ने बच्चे को जन्म दिया, इसके बाद भी उसे फिर से तीन अन्य महिलाओं के साथ लिटा दिया. जगह की कमी के कारण महिला बेड से गिर गई. गिरने से उसके मुंह और नाक से अधिक ब्लीडिंग हो गई. इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. Also Read - भारत को मिली 16 साल की नई पेस सनसनी, वनडे में सभी 10 विकेट झटक बना डाला रिकॉर्ड

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डिलीवरी के बाद साथ लिटाई गईं तीन और महिलाएं
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के कोथापेट इलाके में नेहरू सेंटर नाम का पुराना सरकारी अस्पताल है. अस्पताल में एक प्रेग्नेंट लेडी को भर्ती कराया गया. पी. स्वाति नाम की इस महिला ने यहां एक बच्चे को जन्म दिया. इसके बाद उसे जिस बेड पर लिटाया गया, उस पर तीन और गर्भवती महिलाओं को लिटा दिया गया. मुंबई मिरर की रिपोर्ट के अनुसार स्वाति ने डिलीवरी के बाद परेशानी होने की शिकायत करते हुए हॉस्पिटल स्टाफ से परिवार के एक सदस्य को पास रखे जाने की गुहार लगाई थी. बिस्तर पर तीन और महिलाएं थीं, इसलिए उसे बेहद परेशानी से गुजरना पड़ रहा था, लेकिन हॉस्पिटल स्टाफ ने उसकी बात नहीं मानते हुए कहा कि जगह की कमी है. मंगलवार को ही सुबह 11 बजे वह बिस्तर पर खुद को एडजस्ट करने की कोशिश कर रही थी, इसी दौरान बिस्तर से गिर गई. और उसकी मौत हो गई. Also Read - VIDEO: वुहान में फंसी भारतीय महिला की सरकार से भावुक अपील, मेरी अगले महीने होनी है शादी

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हंगामे के बाद जांच के आदेश, सीएम ने मुआवजे का ऐलान किया
महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा काटा. जिले की कलक्टर लक्ष्मीकंथम ने हॉस्पिटल प्रशासन को तलब कर मामले की रिपोर्ट मांगी है. कलक्टर ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं. शुरूआती जांच में पता चला है कि हॉस्पिटल प्रशासन द्वारा लापरवाही बरती गई, इससे ये घटना हुई. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी घटना को संज्ञान में लिया है. उन्होंने अस्पताल में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के आदेश दिए हैं. इसके साथ ही उन्होंने महिला के परिजनों को 6 लाख रुपए की सांत्वना राशि भी देने के ऐलान किया है. वहीं, परिजनों का कहना है कि हॉस्पिटल की लापरवाही के कारण उनके घर की एक सदस्य की जान चली गई. अपने पीछे नवजात को छोड़ गई. मां के बिना बच्चे का पालन पोषण कैसे होगा. बेहद मुश्किल समय है. सरकार ने 6 लाख रुपए दिए हैं, लेकिन वह इस सांत्वना राशि का क्या करेंगे.