नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्‍ली में रविवार को हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ विद्यार्थियों के प्रदर्शन के मद्देनजर सोमवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों को बंद कर दिया गया. वहीं, जामिया के पास विरोध प्रदर्शन को कवर कर रहे दो पत्रकारों पर हमला हुआ है. घायल मीडियाकर्मियों को एक अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है.Also Read - सरकार दिमाग ठीक कर ले,.. नहीं तो हम वोई के वोई हैं, 26 जनवरी कोई दूर नहीं, 4 लाख ट्रैक्‍टर भी यहीं हैं: राकेश टिकैत

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दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने ट्वीट किया, ‘‘जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रवेश और निकास द्वारों को बंद कर दिया गया है. इस स्टेशन पर ट्रेनें नहीं रुकेंगी. ’’दिल्‍ली पुलिस के पीआरओ ने कहा, हम इस वाकये की निंदा करते हैं, हम अपराधियों की पहचान करेंगे और शख्‍त एक्‍शन लेंगे. बता दें कि न्‍यूज एजेंसी, एएनआई रिपोर्टर उज्‍जवल रॉय और कैमरामैन सरबजीत सिंह पर तब हमला हुआ, जब वो जामिया मिलिया इस्‍लामिया के गेट नं. 1 के पास खबर का कवरेज कर रहे थे. उनका इलाज होली फैमिली हॉस्‍पिटल में इलाज चल रहा है. Also Read - Delhi Schools Reopen: दिल्ली में सोमवार से फिर खुलेंगे सभी कक्षाओं के स्कूल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने की घोषणा

जामिया विश्वविद्यालय हिंसक प्रदर्शन केस: दिल्ली पुलिस ने दो मामले दर्ज किए
संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ रविवार को प्रदर्शन के दौरान जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्‍व विद्यालय और आसपास के इलाकों में हिंसा के संबंध में दो मामले दर्ज किए गए हैं. दिल्ली पुलिस ने सोमवार को बताया कि हिंसा के संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ उपद्रव, आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है. इससे पहले रविवार को भी मीडियाकर्मियों से उपद्रवी बदसलूकी करते हुए नजर आए थे.

एक दिन पहले फूंकी कई बसें, 60 से ज्‍यादा घायल
रविवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय युद्ध के मैदान में तब्दील हो गया था, जब हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस परिसर में घुसी और बल प्रयोग किया. प्रदर्शन के दौरान जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पास न्यू फ्रैंड्स कॉलोनी में पुलिस के साथ झड़प होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने चार सरकारी बसों और दो पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया. इस घटना में छात्रों, पुलिसकर्मियों और दमकल कर्मियों समेत करीब 60 लोग घायल हो गए.

दो थानों में उप्रद्रवियों के खिलाफ मामले दर्ज
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ”एक मामला जामिया नगर पुलिस थाने में दर्ज कराया गया है और दूसरा न्यू फ्रैंड्स कॉलोनी पुलिस थाने में.”’ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जामिया नगर पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी बलवा, सरकारी काम करने से सरकारी कर्मचारी को रोकने और ड्यूटी निभाने से सरकारी कर्मचारी को रोकने के मकसद से उनसे मारपीट करना या आपराधिक बल के प्रयोग से जुड़ी आईपीसी की धाराओं के तहत की गई है.

बलवा, आगजनी, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया
वहीं, न्यू फ्रैंड्स कॉलोनी थाने में प्राथमिकी बलवा, आगजनी, गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी आईपीसी की धाराओं के तहत दी गई है. पुलिस ने कहा कि वह हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए वीडियो और सीसीटीवी फुटेज देखेगी.