नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड के चेयरमैन अनिल धीरूभाई अंबानी और अन्य को जारी अवमानना नोटिस पर सुनवाई बुधवार के लिये स्थगित कर दी. कोर्ट ने एरिक्सन इंडिया की उस याचिका पर ये नोटिस जारी किये थे जिसमें उन पर 550 करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया गया है. न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन और न्यायमूर्ति विनीत सरन की पीठ के समक्ष अंबानी, रिलायंस टेलीकाम लिमिटेड चेयरमैन सतीश सेठ और रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड की चेयरपर्सन छाया विरानी उपस्थित हुए. इन सभी को कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी किया गया था.

पीठ ने कहा कि समय की कमी और भोजन अवकाश के बाद विशेष पीठ के बैठने की वजह से अवमानना याचिका के इस मामले में बुधवार को सुनवाई जारी रहेगी. इस मामले में संक्षिप्त सुनवाई के दौरान एरिक्सन इंडिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने कहा कि शीर्ष अदालत के पहले के दो आदेशों का घोर उल्लंघन किया गया है और उन्होंने (आरकाम) ने अभी तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है. पीठ ने तीनों कथित अवमाननाकर्ताओं को बुधवार को भी न्यायालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया.

गौरतलब है कि राफेल मामले में सामने आई एक नयी मीडिया रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उद्योगपति अनिल अंबानी के ‘बिचौलिए’ की तरह काम करने और सरकारी गोपनीयता कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री ने जो किया है वो ‘देशद्रोह’ है.

गांधी ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने के लिए मोदी पर अपराधिक कार्रवाई शुरू होनी चाहिए. कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री पर ताजा हमला उस वक्त बोला है जब अंग्रेजी अखबार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च 2015 के चौथे हफ्ते में व्यवसायी अनिल अंबानी फ्रांस के तत्कालीन रक्षामंत्री ज्यां-यवेस ले ड्रियन के पेरिस स्थित दफ्तर गए थे. इसके दो हफ्ते बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की घोषणा की थी.