नई दिल्ली: विभिन्न मांगों को लेकर पिछले सात दिनों से रामलीला मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे सुप्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने गुरुवार को यह कहते हुए अपना अनशन समाप्त कर दिया कि सरकार ने उन्हें केन्द्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्तियां शीघ्र करने का आश्वासन दिया है. आज अन्ना से मिलने से महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी पहुंचे. फडणवीस ने उनका अनशन तुड़वाया. अन्ना ने पानी पीकर अपना अनशन तोड़ा. इस दौरान अन्ना ने कहा कि मेरे तीन मुद्दे थे. सबसे प्रमुख मुद्दा था कि किसानों को लागत का डेढ़ गुना दाम मिलना चाहिए. सरकार इस बात पर राजी हो गई है. सरकार 6 महीने में हमारी मांगें पूरी करे. मांग पूरी नहीं होने पर फिर से आंदोलन करेंगे.Also Read - संसद का मानसून सत्र आज से, कोविड और किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

दोबारा अनशन की दी चेतावनी Also Read - देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में अन्ना हजारे का ऐलान- ... कृषि कानूनों के खिलाफ अनशन नहीं करेंगे

हजारे ने कहा कि वह सरकार को आश्वासनों को पूरा करने के लिए अगस्त तक छह माह का वक्त दे रहे हैं साथ ही चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं की गईं तो सितंबर में उनका अनशन फिर शुरू होगा. अन्ना ने कहा, ‘‘ उन्होंने (सरकार) हमें आश्वासन दिया है कि जितनी जल्दी हो सकेगा वे नियुक्तियां कर देंगे. मैं अगस्त तक देखूंगा और सितंबर में अनशन दोबारा शुरू करूंगा. यह निर्धारित समय में होना चाहिए. हालांकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा है कि इसमें छह माह भी नहीं लगेगा, हम देखेते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ सरकार और जनता अलग नहीं होती… सरकार का काम है जनता की भलाई, देश की भलाई… ऐसे आंदोलन की नौबत नहीं आनी चाहिए.’’ Also Read - कोलकाता की जेल में बंद 10 राजनीतिक कैदी भूख हड़ताल पर, जानिए आखिर क्या है मुद्दा

एक युवक ने की शर्मनाक हरकत

इस बीच एक व्यक्ति ने शर्मनाक हरकत करते हुए स्टेज की ओर जूता फेंका जहां अन्ना, फडणवीस तथा केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत बैठे हुए थे. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि व्यक्ति के निशाने पर कौन था. पुलिस ने व्यक्ति को पकड़ लिया है.अन्ना के सहयोगी दत्ता आवारी ने दावा किया है कि इस अनशन में अन्ना का पांच किलोग्राम वजन कम हो गया है.

सरकार ने दिया आश्वासन

अन्ना ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगें 6 महीने में पूरा नहीं करती हैं तो वह फिर अनशन करेंगे. उन्होंने कृषि विशेषज्ञों को कृषि मूल्य आयोग का चेयरमैन बनाने की मांग की थी, जिस पर सरकार ने कहा है वह इस मांग पर गौर करेगी. इसके साथ ही कृषि के उपयोग में आने वाली सभी वस्तुओं पर जीएसटी दर 12 से घटाकर फीसदी करने का केन्द्र सरकार ने आश्वासन दिया है. लोकपाल की नियुक्ति की मांग पर केंद्र सरकार ने कहा कि कानूनविद् की पद भरने के बाद जल्द ही लोकपाल की नियुक्ति कर दी जाएगी. चुनाव सुधार की मांग पर केन्द्र सरकार ने कहा कि नोटा के मसले पर चुनाव आयोग को अधिकार है. इसमें केंद्र सरकार दखल नहीं दे सकती. फिर भी सरकार आपकी बात को चुनाव आयोग तक पहुंचाएगी.

गुरुवार को अनशन की वजह से उनका ब्लड प्रेशर भी गिरा था. इससे पहले बुधवार को बीजेपी के पूर्व सांसद और पार्टी छोड़कर कांग्रेस में जाने वाले नाना पटोले ने भी रामलीला मैदान में हजारे से मुलाकात की थी. वहीं, केंद्र ने अपने दूत महाराष्ट्र के मंत्री गिरिश महाजन को हजारे के पास भेजा था. उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता को आश्वस्त किया था कि उनकी अधिकतर मांगों पर ध्यान दिया जाएगा.

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23 मार्च से थे अनशन पर

अन्ना हजारे केन्द्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्ति सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 23 मार्च से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे. 2011 के आंदोलन के कारण लोकपाल एवं लोकायुक्त कानून 2013 पारित हुआ था, लेकिन केंद्र ने अब तक लोकपाल की नियुक्त नहीं की है. इस बार हजारे ने सरकार से किसानों के लिए बेहतर न्यूनतम समर्थन दामों की मांग की.