Anna Hazare: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने घोषणा की है कि वह केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ फिलहाल अनशन नहीं करेंगे. उन्होंने बृहस्पतिवार को कहा था कि वह शनिवार को महाराष्ट्र में अपने गांव रालेगन सिद्धि में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे.Also Read - BJP सांसद की किरकिरी, किसानों से ताली बजाने को कहा, सुनने को मिला इनकार

हालांकि उन्होंने भाजपा नेता व महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मुलकात के बाद ऐलान किया है कि वे अब अनशन नहीं करेंगे. उन्होंने बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा था, “मैं कृषि क्षेत्र में सुधारों की मांग करता रहा हूं, लेकिन केंद्र सही फैसले लेते नहीं दिख रहा है.’’ हजारे ने कहा, ‘‘किसानों को लेकर केंद्र कतई संवेदनशील नहीं है, इसीलिए मैं 30 जनवरी से अपने गांव में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर रहा हूं.’’ Also Read - Rakesh Tikait ने क्यों कहा- खत्म नहीं हुआ है किसानों का आंदोलन? जानें 26 जनवरी का क्या है 'प्लान'

हालांकि शुक्रवार को अन्ना हजारे के कार्यालय ने जानकारी दी कि अन्ना हजारे ने किसानों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर कल अनशन नहीं करने का फैसला किया है. उन्होंने शुक्रवार को इसकी घोषणा भाजपा नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में की. सरकार इस कोशिश में थी कि अन्ना हजारे अपना अनशन त्याग दें. Also Read - Indian Railways/IRCTC: पंजाब में किसानों का प्रदर्शन जारी, उत्तर रेलवे ने आज रद्द कर दी हैं 68 ट्रेनें, देखें पूरी लिस्ट

अन्ना हजारे के कार्यालय ने कहा, “आज की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कृषि मंत्रालय, NITI Aayog और अन्ना हजारे द्वारा अनुशंसित कुछ सदस्यों वाली एक समिति अन्ना हजारे की किसानों से संबंधित मांगों को लागू करने / पूरा करने के लिए अगले 6 महीनों में एक प्रस्ताव बनाएगी.”

हजारे ने कहा, ‘मैं लंबे समय से कई मुद्दों पर आंदोलन कर चुका हूं. शांतिपूर्वक प्रदर्शन करना कोई अपराध नहीं है. मैं तीन साल से किसानों के मुद्दे उठा रहा हूं. वह आत्महत्या करते हैं क्योंकि उन्हें उनकी उपज की सही कीमत नहीं मिलती. सरकार ने न्यूनतन समर्थन मूल्य (एमएसपी) को 50 फीसदी तक बढ़ाने का फैसला किया है- मुझे इस संबंध में पत्र मिला है.’

उन्होंने आगे कहा, अब जबकि केंद्र सरकार ने इन 15 मुद्दों पर (किसानों के लिए अन्ना हजारे की मांगें) पर काम करने का फैसला कर लिया है, तो ऐसे में मैंने कल का अनशन रद्द करने का फैसला किया है.

उल्लेखनीय है कि केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं.