नई दिल्ली. समाजसेवी अन्ना हजारे एक बार फिर अनशन की राह पकड़ेंगे. लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए वह बुधवार से अपने गांव रालेगणसिद्धी में अनशन करेंगे. बता दें कि कुछ दिन पहले ही अन्ना ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर लोकायुक्त नियुक्त करने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि ऐसा नहीं होने की स्थिति में उन्हें अनशन करने पर विवश होना पड़ेगा.

इससे पहले मंगलवार को अन्ना हजारे ने कहा कि लोकपाल कानून बने हुए 5 साल हो गए हैं. लेकिन, लोकपाल की नियुक्ति को लेकर सरकार बार-बार बहानेबाजी कर रही है. उन्होंने कहा कि वह सुबह 10 बजे रालेगण सिद्धी में अनशन पर बैठने जा रहे हैं, जो कि किसी व्यक्ति, पक्ष या पार्टी के खिलाफ नहीं होगा. उन्होंने कहा कि समाज और देश की भलाई के लिए वह बार-बार आंदोलन करते रहेंगे.

धोखा देने का लगाया था आरोप
अन्ना हजारे ने हाल ही में पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर कहा था कि केंद्र की सरकार देश के लोगों के साथ धोखा कर रही है. लोकपाल और लोकायुक्त कानून पर अमल नहीं होना और सरकार का बार-बार झूठ बोलना ठीक नहीं है. उन्होंने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि से आंदोलन की घोषणा की थी. हालांकि, उन्होंने कहा कि इस बार कोई भी राजनीतिक दल उनके आंदोलन में शामिल नहीं होंगे.

ये हैं पैनल में
दूसरी तरफ लोकपाल का चयन करने के लिए बनाए गए 8 सदस्यीय पैनल ने मंगलवार को अपनी पहली मीटिंग की थी. मोदी सरकार द्वारा गठन के बाद यह पैनल की 4 महीनों में पहली बैठक है. इस पैनल के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई हैं.