नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे आज से केंद्र के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे. इस बार भी वह ऐतिहासिक राम लीला मैदान से ही केंद्र सरकार के खिलाफ बिगुल फूकेंगे. साल 2011 में भ्रष्टाचार की जांच के लिए लोकपाल के गठन की मांग को लेकर वह इसी मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे थे. इस बार संभावित तौर पर वह नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार पर निशाना साधेंगे.

पहले राजघाट जाएंगे

हजारे पहले राजघाट जाएंगे. इसके बाद वह शहीदी पार्क तक जुलूस निकालेंगे और उसके बाद रामलीला मैदान जाएंगे. इसके बाद रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित करेंगे. अपने आंदोलन में अन्ना लोकपाल की नियुक्ति, किसानों की समस्या और चुनाव सुधार को लेकर जनता में जागरूकता पैदा करने का बिगुल फूकेंगे. 

अन्ना का सुझाव, उम्मीदवार के चेहरे को ही बनाया जाए चुनाव चिन्ह

अन्ना का सुझाव, उम्मीदवार के चेहरे को ही बनाया जाए चुनाव चिन्ह

अन्ना पहले ही कह चुके हैं कि अब जो भी कार्यकर्ता आंदोलन के दौरान उनसे मिलेंगे, वह स्टाम्प पेपर पर लिखकर देंगे कि वह कोई पार्टी नहीं बनाएंगे. साथ ही अन्ना ने घोषणा की थी कि वह न तो किसी पार्टी का समर्थन करेंगे और न ही किसी पार्टी से किसी को चुनाव लड़वाएंगे.

ट्रैफिक जाम के आसार

अन्ना की जनसभा के चलते दिल्ली में यातायात प्रभावित रहेगा. दिल्ली यातायात पुलिस ने परामर्श जारी कर लोगों को अरुणा आसफ अली रोड, दिल्ली गेट, दरियागंज, नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन, अजमेरी गेट, पहाड़गंज, आईटीओ, राजघाट, मिंटो रोड, विवेकानन्द मार्ग, जेएलएन मार्ग इत्यादि की ओर जाने से बचने को कहा है.

मोदी सरकार पर हमला

अन्ना ने मोदी सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए कहा कि मोदी सरकार को मौका देने के लिये वह साढ़े तीन साल तक कुछ नहीं बोले, लेकिन सरकार को किसान की नहीं उद्योगपतियों की चिंता है. उसने लोकपाल को कमजोर कर दिया है. मोदी जो कदम उठा रहे हैं उससे लोकतंत्र खतरे में है और देश ‘हुकुम शाही’ की तरफ जा रहा है. पूर्व की कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के खिलाफ अभियान चला चुके हजारे ने किसानों की समस्याओं को लेकर 23 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन करने और देश भर में जेल भरो आंदोलन चलाने का ऐलान किया था.