रांची: झारखंड सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर 23 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने निर्णय लिया है. पांच साल पहले इस तारीख को राज्य सरकार की अवकाश सूची से हटा दिया गया था. एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर 2014 तक अवकाश होता था लेकिन 2015 से 2019 तक यह तारीख (23 जनवरी) अवकाश सूची में नहीं थी.

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि मंगलवार को हुई एक समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 23 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया. विज्ञप्ति के अनुसार, सोरेन ने कहा कि झारखंड नेताजी की कर्मभूमि रहा है और स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता.

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वहीं कुछ दिनों पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था कि राज्य की नयी सरकार जनता की, खास कर युवाओं एवं किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत है. मुख्यमंत्री ने बयान जारी कर कहा कि किसानों और युवाओं पर सरकार की खास नजर है. उन्होंने कहा कि किसान हमारे राज्य और देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इनकी खुशहाली और विकास के लिए इन्हें सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने की हमारी कोशिश है.

सोरेन ने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है और सभी जिलों में रोजगार कार्यालय को सुदृढ़ किया जाएगा जिससे युवाओं को इधर उधर न भटकना पड़े. वहीं कुछ दिनों पहले हेमंत सोरेन ने दावा किया कि उनके शासन में राज्य में कोई भूखा नहीं मरेगा और न ही उनकी सरकार द्वेष की राजनीति करेगी. झारखंड विधानसभा में आज द्वितीय अनुपूरक बजट मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसकी जानकारी दी.