नई दिल्‍ली: हरियाणा में बलात्कार और छेड़छाड़ के मामलों में आरोपी को अब सरकारी सुविधाओं जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, हथियार लाइसेंस, वृद्धावस्था पेंशन, शारीरिक रूप से विकलांग पेंशन से वंचित कर दिया जाएगा. गुरुवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने घोषणा की कि रेप के आरोपियों को अदालत से फैसला होने तक राशन के अलावा सभी सारी सुविधाओं से मरहूम रखा जाएगा.

इकोनॉमिक टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा सरकार ने 12 साल से कम उम्र की लड़की की बलात्कार और हत्या के दोषी लोगों के लिए मौत की सजा का प्रस्ताव लाने की बात कही है. महिलाओं के खिलाफ अपराध के अपराधियों को सख्त चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि कोई भी व्‍यक्ति यदि मां-बहन पर उंगली उठाएगा तो उसकी अंगली काट ली जाएगी. महिलाओं के विरुद्ध अपराध रोकने का हमारा इरादा तय है. महिलाओं के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को रोकने के लिए कई सख्त कदम उठाए जाने की जरूरत थी लेकिन इन पर कभी गंभीरता से काम नहीं किया गया.

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स्‍वतंत्रता दिवस या रक्षाबंधन पर शुरू होगी योजना
खट्टर ने घोषणा की कि महिलाओं की सुरक्षा और सुरक्षा के लिए एक व्यापक योजना या तो स्वतंत्रता दिवस या रक्षा बंधन पर शुरू की जाएगी. हरियाणा सरकार द्वारा इस बात की भी घोषणा हुई कि बलात्कार पीड़िता को निजी वकील की भी सुविधा मिलेगी, ऐेस में उसे फीस के लिए 22,000 रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी. रेप केस की एक महीने और छेड़खानी के मामलों की 15 दिनों में जांच होगी. इसके साथ ही छह नए फास्ट्र ट्रैक खुलेंगे. ऐलानों के मुताबिक, महिला गवाह को अगली तारीख देकर परेशान नहीं किया जाएगा. वारदातों पर लगाम कसने के मद्देनजर विशेष गश्त कराई जाएगी.