कोलकाता :पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव खत्म होने के एक सप्ताह बाद अभी भी राज्य में चुनावी हिंसा जारी है. बीते 30 मई को पुरुलिया जिले के बलरामपुर में बीजेपी कार्यकर्ता त्रिलोचन की हत्या के मामले के बाद एक जून को बीजेपी के एक और कार्यकर्ता की हत्या होने का वाकया सामने आया है. बीजेपी ने मृतक दुलाल महतो को अपना कार्यकर्ता बताया है. इसके बाद बीजेपी और टीएमसी के बीच एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप की राजनीति गर्मा गई है.  बीजेपी ने टीएमसी पर दुलाल की हत्या का आरोप लगाया. बीजेपी की ओर से कहा गया है कि दुलाल की हत्या एक साजिश है, जिसे प्लानिंग के तहत अंजाम दिया गया है.

लटका मिला शव
दुलाल कुमार महतो 1 जून को देर शाम से गायब था. महतो की बाइक तलाब के पास मिली थी. इसके बाद परिजन ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस ने बीजेपी महतो के अपहरण की आशंका जताई थी.

दुलाल का हुआ था अपहरण
खबरों के मुताबिक दुलाल महतो का अपहरण शुक्रवार को हुआ था. दुलाल की मोटर साइकिल तालाब के पास मिली थी, जिसके बाद परिवारवालों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी.

खुद बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने इस मामले की पुष्टि करते हुए ट्विटर पर लिखा था, ‘अभी बलरामपुर, पुरुलिया के त्रिलोचन की चिता की आग ठंडी भी नहीं हुई… और वहीं के गांव में रहने वाले बीजेपी कार्यकर्ता दुलाल महतो का अभी अपहरण कर लिया गया, उसकी मोटरसाइकिल तालाब के पास मिली है पुलिस को रिपोर्ट करने के बाद भी, अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है!’

bjp-worker-killing--west-ba
टीएमसी ने किया आरोपों से इनकार
बीजेपी के आरोप लगाने के बाद टीएमसी ने आरोपों को सिरे खारिज करते हुए कहा है कि महतो की हत्या पार्टी की अंदरूनी राजनीति के कारण हुई है.

तृणमूल कांग्रेस- भाजपा में बढ़ी तकरार
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने जब पुरुलिया को ”विपक्ष मुक्त जिला” बनाने का इरादा जाहिर किया तो बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने सोमवार को चेतावनी दे डाली कि हालात खतरनाक हो सकते हैं, क्योंकि इस मकसद को पाने के लिए कई लोग मारे जा रहे हैं. उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा में रैली में घोष ने कहा, ”तृणमूल कांग्रेस लोगों की हत्या करके जिस तरह से राज्य को विपक्ष मुक्त करने की कोशिश कर रही है, वह खतरनाक साबित होने वाला है. यह कैसी राजनीति है ? यह कैसा प्रशासन है ?”

बीजेपी ने बताया अपना कार्यकर्ता
पुरुलिया जिले में 20 साल के एक दलित युवक की हत्या से क्षेत्र में तृणमूल और बीजेपी के बीच नया विवाद पैदा हो गया है. बीजेपी मृतक को अपना सदस्य बता रही है.

घर के पास लटका मिला था त्रिलोचन का शव
बता दें कि बीते 30 मई को पुरुलिया जिले के बलरामपुर में त्रिलोचन महतो की हत्या के विरोध में यह रैली की गई. त्रिलोचन का शव उसके घर के पास एक पेड़ से लटकता पाया गया था. (इनपुट- एजेंसी)