पम्बा (केरल): सबरीमाला मंदिर में ‘दर्शन’ के आखिरी दिन, सोमवार को ‘रजस्वला’ आयु वर्ग की एक और महिला ने मंदिर में प्रवेश का प्रयास किया लेकिन प्रदर्शनकारियों के विरोध के चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा. वहीं, रात में मंदिर का प्रवेश द्वार बंद होने से पहले ‘रजस्वला’ आयुवर्ग की और महिलाओं के मंदिर आने का प्रयास करने की खबरों के बीच निजी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. अधिकारियों ने कहा कि दलित कार्यकर्ता बिंदू पहाड़ी पर स्थित सबरीमला मंदिर की तलहटी में स्थित पम्बा की ओर बढ़ रही थी. पम्बा से ही श्रद्धालु मंदिर के लिए पांच किलोमीटर की चढ़ाई शुरू करते हैं. दलित कार्यकर्ता को उनके अनुरोध पर पुलिस संरक्षण प्रदान किया गया. Also Read - केरल, पश्चिम बंगाल से अरेस्‍ट अलकायदा आतंकियों का ये था प्‍लान, पाक हैंडलर से मिल रहे थे आदेश

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बिंदू केरल राज्य परिवहन निगम की बस में पुलिसकर्मियों के साथ सफर कर रही थी. जब बस पम्बा पहुंचने वाली थी कि नैष्ठिक ब्रह्मचारी के मंदिर में 10 से 50 साल की आयु वर्ग की लड़कियों एवं महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रहे श्रद्धालुओं और भाजपा कार्यकर्ताओं के एक समूह ने सड़क बाधित कर दी और उन्हें बस से उतरने के लिए बाध्य कर दिया. अधिकारियों ने कहा कि बिंदू को पुलिस की जीप में सुरक्षा में ले जाया गया. भगवान अयप्पा मंदिर के द्वार 17 अक्टूबर को पांच दिवसीय पूजा के लिए खुलने के बाद मंदिर में दर्शन का प्रयास करने वाली करीब 12 महिलाओं को नाराज प्रदर्शनकारियों के चलते वापस होना पड़ा है. Also Read - राहुल गांधी ने केरल के बीजेपी नेता की मदद के लिए कुछ ऐसा, कांग्रेस में ही हड़कंप

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मंदिर खुलने के प्रथम दिन कोई पूजा नहीं हुई. मंदिर के द्वार सोमवार को रात 10 बजे बंद हो जाएंगे. ‘रजस्वला’ आयुवर्ग की महिलाओं को घने जंगल स्थित मंदिर तक जाने से रोकने के लिए सबरीमला सन्नीधानम मंदिर परिसर में सैकड़ों श्रद्धालु डेरा डाले बैठे हैं. सबरीमला सन्नीधानम, पम्बा, निलाकल और इलावुमकल में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू किए जाने के बावजूद सैकड़ों अयप्पा श्रद्धालुओं ने महिलाओं को मंदिर तक जाने से रोक दिया है. पुलिस ने इस सूचना के बाद सन्नीधाम और अन्य क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है कि कुछ महिलाएं मंदिर जाने का प्रयास कर सकती हैं. महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैनात पुलिस महानिरीक्षक एस श्रीजीत ने सोमवार सुबह मंदिर में दर्शन किया.