नई दिल्ली: उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर भड़की हिंसा में एक हेड कांस्टेबल समेत चार लोगों की मौत हो गई और अर्द्धसैन्य एवं दिल्ली पुलिस बल के कई कर्मियों समेत कम से कम 50 लोग घायल हो गए. इस दौरान पथराव के कारण घायल हुए गोकलपुरी के सहायक पुलिस आयुक्त के कार्यालय से जुड़े हेड कांस्टेबल रतन लाल (42) की मौत हो गई. दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि हिंसा में घायल तीन अन्य आम नागरिकों की मौत हो गई और 50 घायल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे हैं. Also Read - मौलाना साद को गिरफ्तार नहीं करेगी दिल्ली पुलिस, सामने आए तो क्वारंटाइन में रखा जाएगा

सूत्रों ने बताया कि शाहदरा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अमित शर्मा और एसीपी (गोकलपुरी) अनुज कुमार समेत कम से कम 11 पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को काबू करने के दौरान घायल हो गए. सीआरपीएफ के दो कर्मी भी इस दौरान घायल हो गए. हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मकानों, दुकानों, वाहनों और एक पेट्रोल पम्प में आग लगा दी और पथराव किया. इन इलाकों में हिंसा का यह दूसरा दिन है. यह हिंसा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार शाम को नयी दिल्ली पहुंचे. Also Read - भारत में लॉकडाउन! दिल्ली पुलिस ने लोगों को चेताया, भूलकर भी न खोलें ये वेबसाइट, नहीं तो...

जाफराबाद, मौजपुर, चांद बाग, खुरेजी खास और भजनपुरा में सीएए समर्थक और विरोधी समूहों के बीच हिंसा भड़कने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिये आंसू गैस छोड़ी और लाठीचार्ज भी किया. हालात नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च किया और निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. सरकारी सूत्रों ने आशंका जताई कि दिल्ली के कुछ हिस्सों में हिंसा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जारी यात्रा के मद्देनजर करायी गई प्रतीत होती है. Also Read - दिल्‍ली के शाहीन बाग धरनास्थल पर फेंका गया पेट्रोल बम

उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक पुलिस नियंत्रण कक्ष में हैं और राष्ट्रीय राजधानी में हिंसा के मद्देनजर स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं. केन्द्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और मौके पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किये गये है.

स्कूलों को बंद रखने का आदेश
इस बीच, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया कि हिंसा प्रभावित उत्तर पूर्वी दिल्ली में मंगलवार को सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे. सिसोदिया ने ट्वीट किया, ‘‘दिल्ली में हिंसा प्रभावित उत्तर पूर्व जिले में कल स्कूलों की गृह परीक्षाएं नहीं होंगी और सभी सरकारी एवं निजी स्कूल बंद रहेंगे. बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में मैंने मानव संसाधन विकास मंत्री से बात की है कि इस ज़िले में कल की बोर्ड परीक्षा भी स्थगित कर दी जाए.’’

हिंसा प्रभावित इलाकों में सीएए समर्थक एवं विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार पथराव हुआ. सड़कों पर ईंट, पत्थर और कांच के टुकड़े बिखरे हैं. मौजपुर में प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और कम से कम तीन वाहनों में आग लगा दी. बंद दुकानों में भी तोड़-फोड़ की गई. कम से कम एक मकान में आग लगा दी गई. एक प्रदर्शनकारी ने हवा में कई बार गोलियां चलाईं और एक पुलिसकर्मी को उसे रोकते देखा गया. व्यक्ति की पहचान अभी नहीं हो पाई है.

मौजपुर में सीएए समर्थक प्रदर्शनकारियों द्वारा एक व्यक्ति को घेरकर पीटते देखा गया. व्यक्ति के सिर से खून निकल रहा था. कुछ हमलावरों ने भड़काऊ नारेबाजी की. भजनपुर-यमुना विहार सीमा पर एक पेट्रोल पम्प और दो स्कूल बसों को आग लगा दी गई. ‘पीटीआई’ के एक पत्रकार ने देखा कि सड़क के एक ओर पुल के निकट पुलिस ने कम से कम चार युवाओं को लाठियों से पीटा. पुलिस ने कम से कम छह युवाओं को ट्रक में बिठाया.

इस बीच गोकलपुरी पुल पर शाम करीब साढ़े छह बजे भीड़ से बच कर भाग रहे एक अन्य व्यक्ति को पीटे जाते देखा गया. पुलिस ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों में धारा 144 लागू कर दी है. एक ओर भजनपुरा जाने वाली और दूसरी ओर गोकलपुरी पुल से गाजियाबाद जाने वाली सड़क संख्या 56 पर यातायात बाधित कर दिया गया जिसके कारण यात्रियों को खासी परेशानी हुई. अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने इलाके में लगी आग बुझाते समय दमकल की एक गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध और समर्थन के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कुछ हिस्सों में हिंसा के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बहाल करने का अनुरोध किया है.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘दिल्ली के कुछ हिस्सों में शांति-व्यवस्था में गड़बड़ी की बहुत परेशान करने वाली खबरें आ रही हैं. मैं माननीय उपराज्यपाल और केंद्रीय गृह मंत्री से शांति और सौहार्द्र सुनिश्चित करते हुए कानून-व्यवस्था बहाल किए जाने का अनुरोध करता हूं . किसी को भी माहौल खराब करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए.’’ दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने उत्तरपूर्वी दिल्ली में झड़पों के दौरान हिंसा के मद्देनजर सोमवार को पुलिस आयुक्त को कानून-व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया.

बैजल ने ट्वीट किया, ‘‘दिल्ली पुलिस और दिल्ली पुलिस आयुक्त को उत्तर पूर्वी दिल्ली में कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं . हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है . मैं हर किसी से शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए संयम बरतने का अनुरोध करता हूं.’’ दिल्ली के मंत्री और बाबरपुर से विधायक गोपाल राय ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

राय ने ट्वीट किया, “ मैं हाथ जोड़कर बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों से शांति कायम रखने की अपील करता हूं. कुछ लोग जानबूझकर माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. मैंने दिल्ली के उपराज्यपाल से बात की है और उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए और पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे.”

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा के खिलाफ छात्रों द्वारा प्रदर्शन का आह्वान किए जाने के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो ने सोमवार को चार स्टेशनों को एक घंटे तक बंद रखने के बाद खोल दिया. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने ट्वीट किया, ‘‘उद्योग भवन, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और जनपथ में प्रवेश और निकास द्वार खोल दिए गए हैं. सामान्य सेवा बहाल हो गई है.’’ इससे पहले, डीएमआरसी ने ट्वीट किया था कि येलो और वायलेट लाइनों पर चार स्टेशन बंद कर दिए गए हैं.

जामिया समन्वय समिति ने छात्रों से नए पुलिस मुख्यालय के बाहर एकत्र होने को कहा था जिसके बाद दिल्ली मेट्रो ने यह ट्वीट किया. इससे पहले, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून के विरोधियों और समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़पों के मद्देनजर पिंक लाइन मेट्रो पर पांच स्टेशन बंद कर दिये गए थे. डीएमआरसी ने ट्वीट किया था, ‘जाफराबाद, मौजपुर-बाबरपुर, गोकलपुरी, जौहरी एनक्लेव और शिव विहार मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिये गए हैं. ट्रेनें वेलकम मेट्रो स्टेशन तक ही जाएंगी.’

जाफराबाद और मौजपुर-बाबरपुर स्टेशन 24 घंटे से अधिक समय से बंद हैं. संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ बड़ी संख्या में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने रविवार को सड़क अवरुद्ध कर दी थी जिसके बाद जाफराबाद में सीएए के समर्थकों और विरोधियों के बीच झड़प शुरू हो गई थी. दिल्ली के कई अन्य इलाकों में भी ऐसे ही धरने शुरू हो गए हैं.

मौजपुर में भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने एक सभा बुलाई थी जिसमें मांग की गयी थी कि पुलिस तीन दिन के भीतर सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को हटाए, इसके तुरंत बाद दो समूहों के सदस्यों ने एक-दूसरे पर पथराव किया, जिसके चलते पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.