नई दिल्ली: पुलिस ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ आंदोलन करने वालों पर उत्तर प्रदेश में कथित पुलिस अत्याचार के विरोध में शुक्रवार को यहां यूपी भवन के बाहर प्रदर्शन करने का प्रयास करने वाले 350 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं. जामिया समन्वय समिति (जेसीसी) ने उत्तर प्रदेश भवन के ‘घेराव’ का आह्वान किया था. इस समिति में परिसर में सक्रिय विभिन्न राजनीतिक समूहों के छात्र शामिल हैं. उत्तर प्रदेश भवन के पास सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है.

बाद में जेसीसी ने एक बयान में कहा कि पुलिस की कार्रवाई के कारण घेराव नहीं हो पाया और जेसीसी द्वारा तैयार ज्ञापन पत्र सौंपा नहीं जा सका. उसने सरकार की ‘‘बेतुकी कार्रवाई’’ की निंदा की. पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के पास वहां प्रदर्शन करने की कोई अनुमति नहीं थी. उसने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं किया जिसके बाद 75 महिलाओं समेत 357 लोगों को हिरासत में लिया गया और उन्हें मंदिर मार्ग एवं कनॉट प्लेस थानों में ले जाया गया. बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र और प्रदर्शनकारियों के नेता बदरे आलम से बृहस्पतिवार को कहा गया था कि वे पुलिस से अनुमति लेने के बाद जंतर मंतर जैसे निर्धारित स्थानों पर प्रदर्शन करें. ‘‘लेकिन उन्होंने पुलिस की सलाह पर कोई ध्यान नहीं दिया .’’

परिसर के बाहर सुरक्षा के कड़े प्रबंध थे और अधिकतर प्रदर्शनकारियों को वहां पहुंचने से पहले की हिरासत में ले लिया गया. पुलिस ने बताया कि धारा 144 के तहत वहां निषेधाज्ञा लागू थी जिसके तहत एक स्थान पर चार या चार से अधिक लोगों के जमा होने को प्रतिबंधित कर दिया गया है. आसपास के पुलिस जिलों से भी सुरक्षाकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया था ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हो.

विरोध प्रदर्शन करने आये एक व्यक्ति को जब पुलिस हिरासत में लेने का प्रयास करने लगी तो वह सड़क पर बैठ गया और इस कार्रवाई पर सवाल उठाया . उसे हिरासत में लिया गया और पुलिस वैन में ले जाया गया . महिला प्रदर्शनकारियों को महिला पुलिस ने हिरासत में लिया.

छात्रों ने कनॉट प्लेस और मंदिर मार्ग पुलिस थानों के बाहर प्रदर्शन किए और हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा करने की मांग की. उन्होंने सीएए के खिलाफ नारे भी लगाए. जेसीसी ने कहा कि वकील भी थाने पहुंचे और उन्होंने हिरासत में बंद लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई. संयुक्त पुलिस आयुक्त (नयी दिल्ली) आनंद मोहन, पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) ईश सिंघल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) दीपक यादव और पुलिस उपायुक्त (दक्षिण पश्चिम) देवेंद्र आर्य समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद थे.

(इनपुट भाषा)